उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने कड़े अनुशासन के लिए जाने जाते हैं, लेकिन जब बात उनके प्रिय सांसद रवि किशन की हो, तो उनका मजाकिया अंदाज भी देखने को मिलता है। गोरखपुर के एक कार्यक्रम में सीएम आदित्यनाथ योगी ने एक बार फिर रवि किशन की जमकर ‘क्लास’ लगाई, जिसे सुनकर वहां मौजूद लोग अपनी हंसी नहीं रोक पाए।
“महाराज जी, बधाई तो दे दीजिए!”
मुख्यमंत्री ने मंच से किस्सा सुनाते हुए बताया कि जब वह कार्यक्रम में आ रहे थे, तो रवि किशन उनके सामने आए और शिकायती लहजे में कहा, “महाराज जी, आपने मुझे बधाई नहीं दी” सीएम ने जब पूछा कि बधाई किस बात की? तो रवि किशन ने गर्व से बताया कि उन्हें PhD की मानद उपाधि मिली है।
नौकरी नहीं मिलेगी, सिर्फ गले में टांग सकते हैं!
रवि किशन के ‘डॉक्टर’ और ‘प्रोफेसर’ बनने के ख़ुशी पर पानी फेरते हुए सीएम योगी ने चुटकी ली। उन्होंने कहा:
“अबे! हमने कहा मानद उपाधि है वो। अब कह रहा है कि मैं नाम के आगे प्रोफेसर लिखूंगा। अरे भाई, आप प्रोफेसर नहीं लिख सकते। उस डिग्री के आधार पर आपको कहीं नौकरी नहीं मिलने वाली। आप बस उसे अपने साथ टांग सकते हैं, गले में लटका कर घूमिए!”

“डॉक्टर बनकर इलाज किया तो क्या होगा?”
सीएम यहीं नहीं रुके, उन्होंने सांसद के डॉक्टर लिखने की चाहत पर तंज कसते हुए कहा कि अगर रवि किशन जैसा ‘डॉक्टर’ कहीं किसी का इलाज करने चला गया, तो मरीज का क्या हाल होगा, यह सोचने वाली बात है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानद उपाधि सम्मान के लिए होती है, पेशेवर इस्तेमाल के लिए नहीं।
बधाई भी और नसीहत भी
हालांकि, खिंचाई करने के बाद मुख्यमंत्री ने रवि किशन को इस उपलब्धि के लिए बधाई भी दी। उन्होंने गोरखपुर के ही विभ्राट जी का उदाहरण देते हुए बताया कि वास्तविक PhD और मानद उपाधि में क्या फर्क होता है।

सोशल मीडिया पर चर्चा
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग कह रहे हैं कि रवि किशन भले ही सांसद हों, लेकिन महाराज जी के सामने वह आज भी वही पुराने ‘रवि’ हैं। अब देखना यह है कि क्या गोरखपुर के सड़कों पर रवि किशन के पोस्टर में ‘डॉक्टर’ शब्द जुड़ता है या सीएम की इस क्लास के बाद वह केवल ‘सांसद’ पर ही संतोष करते हैं।