क्या आपको भी लगता है कि पेशाब में जलन बस ‘गर्मी’ की वजह से है अगर हाँ, तो आप बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं। जिसे आप अक्सर ‘छोटा-मोटा UTI’ समझकर केमिस्ट से गोली लेकर खा लेते हैं, वह असल में आपकी किडनी फेलियर का सबसे बड़ा कारण बन सकता है। मेडिकल एक्सपर्ट्स ने इसे एक ‘साइलेंट हेल्थ इमरजेंसी’ अनाउंस किया है।
जब UTI बन जाता है किडनी का दुश्मन
ज्यादातर लोग नहीं जानते कि UTI का बैक्टीरिया सिर्फ ब्लैडर तक नहीं रहता। अगर इसे समय पर खत्म न किया जाए, तो यह ‘रिवर्स गियर’ में आपके “यूरिनरी ट्रैक्ट” से होता हुआ सीधे किडनी पर हमला बोल देता है। मेडिकल की दुनिया में इसे ‘Pyelonephritis’ कहते हैं। यह आपकी किडनी के फिल्टरिंग सिस्टम यानी नेफोर्न्स को इस कदर छलनी कर देता है कि खून साफ होना बंद हो सकता है।

अगर ये 5 लक्षण दिखें, तो समझे मामला गंभीर है
पीठ का दर्द: पसलियों के ठीक नीचे पिछले हिस्से में होने वाला मरोड़ जैसा दर्द।
बुखार: अगर इन्फेक्शन के साथ कंपकंपी और तेज बुखार आ रहा है।
ब्लड यूरिन: पेशाब का रंग हल्का गुलाबी या गहरा भूरा दिखना।
जी मिचलाना: बिना वजह उल्टी जैसा महसूस होना, क्योंकि शरीर में गंदगी (टॉक्सिन्स) जमा हो रही है।
पेशाब में बदबू: पेशाब से ऐसी गंध आना जो पहले कभी महसूस न हुई हो।
अपनी किडनी को ‘सुपर सेफ’ रखने के स्मार्ट हैक्स
दिन भर में 10-12 गिलास पानी पीकर बैक्टीरिया को शरीर से बाहर ‘फ्लश आउट’ करें।
ऑफिस मीटिंग हो या ट्रेवल, पेशाब कभी न रोकें। रुकी हुई गंदगी ही बैक्टीरिया का घर है।
पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतें और पर्सनल हाइजीन से समझौता न करें।
एंटीबायोटिक बीच में छोड़ना सबसे बड़ी बेवकूफी है। इससे बैक्टीरिया और भी जिद्दी हो जाते हैं। डॉक्टर का कोर्स पूरा ही करें।
‘चेकअप में कंजूसी पड़ेगी भारी’
टॉप नेफ्रोलॉजिस्ट्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आपको साल में 2 से ज्यादा बार UTI हो रहा है, तो तुरंत KFT (Kidney Function Test) करवाएं। आपकी किडनी शरीर का ‘प्योरिफिकेशन प्लांट’ है; अगर यह ठप हो गया, तो डायलिसिस या ट्रांसप्लांट ही आखिरी रास्ता बचता है।