देश की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। उनके साथ पार्टी के कई अन्य राज्यसभा सांसदों ने भी इस्तीफा देकर BJP जॉइन कर ली, जिससे AAP को बड़ा झटका लगा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कदम लंबे समय से चल रहे आंतरिक मतभेदों के बाद उठाया गया। राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़ते हुए कहा कि वह खुद को “गलत पार्टी में सही व्यक्ति” महसूस कर रहे थे और AAP अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है।
उनके साथ जिन सांसदों के नाम सामने आए हैं, उनमें संदीप पाठक, अशोक मित्तल समेत कई अन्य राज्यसभा सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, AAP के करीब दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों ने BJP में विलय का फैसला किया है, जो पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
AAP का आरोप—‘ऑपरेशन लोटस’
इस घटनाक्रम पर AAP ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेताओं ने इसे BJP का ‘ऑपरेशन लोटस’ बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दलों को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। संजय सिंह ने कहा कि यह कदम राजनीतिक रूप से प्रेरित है और इसका मकसद पार्टी को कमजोर करना है।
राजनीतिक असर क्या होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम AAP के लिए बड़ा झटका है, खासकर राज्यसभा में उसकी ताकत पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। वहीं, BJP के लिए यह रणनीतिक बढ़त साबित हो सकती है, खासकर आने वाले चुनावों के मद्देनजर।
इस पूरे घटनाक्रम ने राष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज कर दी है। अब नजर इस बात पर होगी कि AAP इस नुकसान से कैसे उबरती है और BJP इस मौके का कितना फायदा उठा पाती है।