चेन्नई, 24 अप्रैल 2026: तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में चुनाव के बाद अब असली गेम यानी मतगणना को लेकर माहौल काफी टाइट हो गया है। हर मतगणना केंद्र पर सशस्त्र पुलिस की तैनाती कर दी गई है, ताकि काउंटिंग के दौरान कोई गड़बड़ी न हो सके।
भारतीय चुनाव आयोग के निर्देश पर पूरे शहर में मल्टी-लेयर सिक्योरिटी लगा दी गई है। मतलब—केंद्र के बाहर, अंदर और आसपास हर जगह पुलिस की नजर है। CCTV कैमरे, चेकिंग और सिक्योरिटी घेरा इतना सख्त है कि बिना परमिशन कोई अंदर घुस ही नहीं सकता।
EVM और VVPAT मशीनें पहले से ही स्ट्रॉन्ग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच रखी गई हैं और 24 घंटे उनकी निगरानी हो रही है। प्रशासन साफ कह रहा है कि काउंटिंग पूरी तरह शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से कराई जाएगी।
83.15% वोटिंग से बढ़ा टेंशन लेवल
इस बार चेन्नई में करीब 83.15% वोटिंग हुई है, जो काफी ज्यादा मानी जा रही है। अब ज्यादा वोटिंग का मतलब क्या होगा—बदलाव या फिर पुरानी सरकार की वापसी—ये तो रिजल्ट के दिन ही पता चलेगा।
पॉलिटिकल पार्टियां भी अभी से एक्टिव हो गई हैं और हर कोई अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहा है। लेकिन अंदर ही अंदर सभी की नजर सिर्फ काउंटिंग डे पर टिकी है।
सीधा मतलब—माहौल टाइट, नजर नतीजों पर
फिलहाल, शहर में माहौल पूरी तरह कंट्रोल में है लेकिन सस्पेंस हाई है। सिक्योरिटी इतनी सख्त है कि साफ दिख रहा है—इस बार प्रशासन कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं है।
अब देखना ये है कि जब काउंटिंग शुरू होगी, तो जनता का फैसला किसके पक्ष में जाता है। फिलहाल सबकी नजर सिर्फ एक चीज पर है—रिजल्ट डे।