पश्चिम बंगाल की राजनीति इस वक्त पूरी तरह गरम है और बयानबाजी अपने चरम पर पहुंच गई है। रिकॉर्ड वोटिंग के बीच डेरेक ओ’ब्रायन ने सीधे-सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चैलेंज कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर जनता का समर्थन नहीं मिला तो 4 मई को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। इस बयान के बाद सियासी माहौल और ज्यादा गर्म हो गया है।
पश्चिम बंगाल में इस बार जबरदस्त वोटिंग देखने को मिली है। कई इलाकों में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे साफ है कि इस बार जनता काफी एक्टिव मूड में है। अब हर पार्टी अपने-अपने हिसाब से इस भारी वोटिंग को अपने पक्ष में बता रही है।
TMC vs BJP: ‘दीदी’ फिर या पहली बार कमल?
राज्य में फिलहाल तृणमूल कांग्रेस की सरकार है, जिसकी कमान ममता बनर्जी के हाथ में है। TMC की कोशिश है कि वो चौथी बार लगातार सत्ता में वापसी करे। दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी इस बार पूरी ताकत लगा रही है ताकि बंगाल में पहली बार अपनी सरकार बना सके।
डेरेक ओ’ब्रायन का कहना है कि इतनी भारी वोटिंग इस बात का संकेत है कि लोग ममता बनर्जी के काम से खुश हैं और फिर से उन्हें ही मौका देना चाहते हैं। वहीं BJP का दावा है कि इस बार जनता बदलाव के मूड में है।
अब सबकी नजर 4 मई पर
राजनीतिक एक्सपर्ट्स भी कन्फ्यूज हैं—ज्यादा वोटिंग का मतलब हमेशा बदलाव हो, ऐसा जरूरी नहीं। कई बार ये सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में भी जा सकती है। यही वजह है कि इस बार का चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है।
फिलहाल, माहौल पूरी तरह ‘कौन जीतेगा’ वाले suspense में है। अब असली तस्वीर 4 मई को ही साफ होगी, जब नतीजे आएंगे और पता चलेगा कि बंगाल में ‘दीदी’ का जलवा जारी रहेगा या ‘कमल’ पहली बार खिलेगा।