चेन्नई,23 अप्रैल 2026: तमिलनाडु की सियासत में इस समय दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। मौजूदा मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन अपनी मजबूत पकड़ और सरकार की योजनाओं के दम पर बढ़त बनाए हुए हैं, लेकिन अभिनेता से नेता बने विजय ‘डार्क हॉर्स’ के तौर पर उभरकर सभी दलों के समीकरण बिगाड़ रहे हैं।
स्टालिन की बढ़त बरकरार
स्टालिन के नेतृत्व में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) सरकार लगातार अपनी कल्याणकारी योजनाओं और जमीनी नेटवर्क के जरिए जनता से जुड़ी हुई है। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर फोकस ने पार्टी को मजबूत आधार दिया है। यही वजह है कि मौजूदा समय में DMK को चुनावी दौड़ में आगे माना जा रहा है।
विपक्ष की ओर से ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी सक्रिय हैं, लेकिन अभी तक वे ऐसा प्रभाव नहीं बना पाए हैं जो स्टालिन की बढ़त को सीधे चुनौती दे सके।
विजय बने ‘डार्क हॉर्स’
इसी बीच विजय ने अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के जरिए राजनीति में एंट्री कर सभी का ध्यान खींच लिया है। उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग, खासकर युवाओं के बीच लोकप्रियता, उन्हें एक मजबूत ‘डार्क हॉर्स’ बनाती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय भले ही अभी सत्ता की सीधी दौड़ में न हों, लेकिन वे वोटों के समीकरण को बदल सकते हैं। खासकर पहली बार वोट देने वाले और शहरी मतदाताओं के बीच उनकी पकड़ अन्य दलों के लिए चुनौती बन सकती है।
कुल मिलाकर, तमिलनाडु की राजनीति में फिलहाल एम.के. स्टालिन की बढ़त कायम है, लेकिन विजय का उभरता प्रभाव चुनावी मुकाबले को बेहद रोमांचक और अनिश्चित बना रहा है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि यह ‘डार्क हॉर्स’ कितना बड़ा उलटफेर कर पाता है।