साउथ और बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया को मद्रास हाई कोर्ट से तगड़ा कानूनी झटका लगा है। कोर्ट ने एक्ट्रेस की उस पिटीशन को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने एक साबुन कंपनी (Power Soaps Limited) से 1 करोड़ रुपए के हर्जाने की मांग की थी। साल 2011 से चली आ रही यह कानूनी जंग अब एक्ट्रेस के खिलाफ फैसले के साथ खत्म हो गई है।
क्या थी पूरी कंट्रोवर्सी?
इस विवाद की जड़ें साल 2008 में जुड़ी हैं। उस वक्त तमन्ना ने ‘पावर सोप्स’ के साथ एक साल का एंडोर्समेंट कॉन्ट्रैक्ट किया था, जो अक्टूबर 2009 में खत्म हो गया था। तमन्ना का आरोप था कि कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद भी कंपनी ने उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल जारी रखा। उनका दावा था कि 2010 और 2011 में भी उनके चेहरे का इस्तेमाल साबुन के रैपर्स और टीवी एडवरटाइजमेंट में किया गया, जिससे उनकी ब्रांड वैल्यू को नुकसान पहुँचा।
कोर्ट ने क्यों खारिज किया दावा?
जस्टिस पी. वेलमुरुगन और जस्टिस के. गोविंदराजन तिलकवती की डिवीजन बेंच ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि एक्ट्रेस अपने दावों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर पाईं। कोर्ट के फैसले की मुख्य बातें:

तमन्ना की ओर से जो साबुन के रैपर और इंटरनेट स्क्रीनशॉट्स पेश किए गए थे, कोर्ट ने उन्हें अनरिलीएबल माना। अदालत ने कहा कि यह साबित नहीं हो सका कि वो रैपर कंपनी ने ही उस समय बाजार में उतारे थे।
कोर्ट ने एक्ट्रेस की 1 करोड़ की मांग को इमेजिनरी डैमेज करार दिया। बेंच का मानना था कि बिना ठोस सबूत के इतनी बड़ी रकम का दावा केवल धारणाओं पर आधारित है।

कंपनी ने दलील दी कि 2008 में जब यह कॉन्ट्रैक्ट हुआ था, तब तमन्ना उतनी बड़ी स्टार नहीं थीं और उन्हें केवल 1 लाख का भुगतान किया गया था। कंपनी ने किसी भी तरह के उल्लंघन से इनकार किया। इससे पहले 2017 में एक सिंगल जज बेंच ने भी तमन्ना के इस दावे को खारिज कर दिया था। अब हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने भी उसी फैसले को बरकरार रखा है।