उत्तर प्रदेश के दो बड़े शहरों में पिछले 24 घंटों के भीतर आग ने भीषण तबाही मचाई है। लखनऊ के विकास नगर में हुई दर्दनाक घटना के बाद, आज गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में स्थित झुग्गियों में भीषण आग लग गई। इन दोनों घटनाओं में अब तक 1,700 से अधिक झुग्गियां जल चुकी हैं और लखनऊ में दो मासूम बच्चों समेत दर्जनों मवेशियों की जान चली गई है।
कनावनी में 500 झुग्गियां खाक
आज दोपहर करीब 12 बजे गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के कनावनी इलाके में स्थित झुग्गियों में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और करीब 500 झुग्गियां इसकी चपेट में आ गईं।
घटना स्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक, झुग्गियों में रखे गैस सिलेंडरों में एक के बाद एक कई धमाके हुए, जिससे पूरा इलाका दहल गया। इन धमाकों की वजह से आग तेजी से फैली।
गाजियाबाद और नोएडा से फायर ब्रिगेड की 10 से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग इतनी भीषण थी कि उसका काला धुआं 5 किलोमीटर दूर से ही साफ दिखाई दे रहा था। फिलहाल राहत कार्य जारी है और किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
लखनऊ: 1,500 झुग्गियां राख, 2 बच्चों और मवेशियों की मौत
इससे पहले बुधवार शाम लखनऊ के विकास नगर रिंग रोड के पास स्थित एक बड़ी बस्ती में आग ने तांडव मचाया था। यह घटना प्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी अग्निकांडों में से एक मानी जा रही है।

इस हादसे में 1,200 से 1,500 झुग्गियां जलकर पूरी तरह खाक हो गईं। सबसे दुखद पहलू यह रहा कि आग की चपेट में आने से 2 मासूम बच्चों और करीब 50 से अधिक मवेशियों की झुलसने से मौत हो गई।
लखनऊ की इस बस्ती में भी 100 से अधिक सिलेंडर फटने की खबर है, जिसके कारण आग पर काबू पाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था। दमकल विभाग को आग बुझाने में घंटों कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
प्रशासन की भूमिका और चुनौती
दोनों ही घटनाओं ने शहरी इलाकों में स्थित झुग्गी-बस्तियों में फायर सेफ्टी के इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हजारों लोग सड़क पर आ गए हैं और उनका जीवनभर का कमाया सामान राख हो चुका है। स्थानीय प्रशासन अब प्रभावित लोगों के ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्था में जुटा है।