यूरोपीय देश Sweden से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने वहां की समाज व्यवस्था और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक महिला ने अपने ही पति पर वर्षों तक शारीरिक, मानसिक और यौन शोषण करने का आरोप लगाया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी व्यक्ति पर अपनी पत्नी को मजबूरन कई पुरुषों के साथ संबंध बनाने के लिए बाध्य करने का आरोप है। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह सिलसिला लंबे समय तक चलता रहा और इस दौरान आरोपी ने आर्थिक लाभ के लिए महिला का इस्तेमाल किया।
संगठित तरीके से शोषण का आरोप
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, आरोपी न सिर्फ कथित तौर पर ग्राहकों से संपर्क करता था, बल्कि ऑनलाइन माध्यम से विज्ञापन जारी कर मुलाकातें भी तय करता था। महिला को दबाव में रखकर उससे यौन सेवाएं दिलवाने और उस पर नजर रखने जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए हैं।
यह भी आरोप है कि महिला की कमजोर स्थिति और नशे की लत का फायदा उठाकर आरोपी ने उसे नियंत्रित किया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट और धमकियों का भी सहारा लिया गया।
‘ना’ कहने पर भी नहीं रुका उत्पीड़न
जांच में सामने आया है कि महिला ने कई मौकों पर कुछ परिस्थितियों या व्यक्तियों के साथ संबंध बनाने से इनकार किया, लेकिन आरोपी ने उसकी सहमति की अनदेखी की। इसी आधार पर उस पर कई बार दुष्कर्म और दुष्कर्म के प्रयास के आरोप भी दर्ज किए गए हैं।
कई लोगों की पहचान, जांच जारी
इस मामले में जांच एजेंसियों ने दर्जनों ऐसे लोगों की पहचान की है, जो कथित तौर पर यौन सेवाएं खरीदने में शामिल थे। कुछ के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है, जबकि अन्य की जांच जारी है।
कानून क्या कहता है?
Sweden में लागू कानून के तहत यौन सेवाएं खरीदना अपराध है, जबकि उन्हें बेचना दंडनीय नहीं माना जाता। हालांकि, किसी को इस कार्य के लिए मजबूर करना या दलाली करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
अदालत में जल्द होगी सुनवाई
इस मामले की सुनवाई आने वाले दिनों में शुरू होने की संभावना है। पीड़ित महिला की ओर से पैरवी कर रहे वकीलों का कहना है कि यह एक बेहद गंभीर और अमानवीय अपराध है, जिसमें कड़ी सजा की उम्मीद की जा रही है।