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Reading: 4000 KM दूर तक पहुंची ईरान की मिसाइलों ने चौकाया, क्या हिंद महासागर तक फैलेगा युद्ध? अमेरिका-ब्रिटेन समेत कई देशों का कड़ा विरोध 
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4000 KM दूर तक पहुंची ईरान की मिसाइलों ने चौकाया, क्या हिंद महासागर तक फैलेगा युद्ध? अमेरिका-ब्रिटेन समेत कई देशों का कड़ा विरोध 

news desk
Last updated: March 21, 2026 6:57 pm
news desk
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तेहरान/लंदन, 21 मार्च 2026 – अमेरिका-इजरायल युद्ध में नया मोड़: ईरान ने शुक्रवार को डिएगो गार्सिया (चागोस द्वीप समूह, हिंद महासागर) स्थित संयुक्त ब्रिटिश-अमेरिकी सैन्य अड्डे पर दो इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। वॉल स्ट्रीट जर्नल और अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, दोनों मिसाइलें लक्ष्य पर नहीं लगीं – एक मिड-एयर में फेल हो गई, दूसरी पर अमेरिकी युद्धपोत ने SM-3 इंटरसेप्टर दागा (हिट या नहीं, स्पष्ट नहीं)।

Contents
निंदा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया – कौन क्या कह रहा है?अब क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

यह हमला 4,000 किमी दूर से किया गया, जबकि ईरान पहले अपनी मिसाइल रेंज 2,000 किमी तक सीमित बताता था। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पिछले महीने यही दावा किया था, लेकिन अब सवाल उठ रहे हैं कि ईरान के पास छिपी लंबी दूरी वाली मिसाइलें (जैसे Khorramshahr-4) हैं या नहीं।

हमला ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की अनुमति के ठीक बाद हुआ, जिन्होंने अमेरिका को ब्रिटिश बेस (डिएगो गार्सिया और RAF फेयरफोर्ड) से होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी मिसाइल साइट्स पर “रक्षात्मक” हमले करने की इजाजत दी। ईरान ने इसे “आक्रामकता में भागीदारी” बताया और बदला लिया।

निंदा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया – कौन क्या कह रहा है?

  • ब्रिटेन (MoD और विदेश मंत्रालय): सबसे सख्त निंदा। MoD ने कहा, “ईरान के लापरवाह हमले क्षेत्र में फैल रहे हैं और होर्मुज को बंधक बनाकर ब्रिटिश हितों और सहयोगियों को खतरा पैदा कर रहे हैं।” ब्रिटेन ने डिएगो गार्सिया पर RAF की रक्षा की पुष्टि की और ईरान को चेतावनी दी कि ऐसे हमले “अस्वीकार्य” हैं।
  • अमेरिका: पेंटागन ने बेस को “पूरी तरह सुरक्षित” बताया, लेकिन कोई आधिकारिक बयान नहीं। राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्ध “समाप्त” करने पर विचार किया, लेकिन ईरान पर दबाव बढ़ाने की बात कही।
  • इजरायल: रक्षा मंत्री ने ईरान पर हमलों में “वृद्धि” की धमकी दी।
  • भारत: प्रधानमंत्री मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से बात की और “क्षेत्रीय हमलों” की निंदा की, खासकर महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर और शिपिंग सिक्योरिटी पर जोर दिया।
  • 20+ देशों का संयुक्त बयान (यूएई, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, जापान, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया आदि): ईरान की होर्मुज में नि:शस्त्र जहाजों पर हमले, नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले और जलडमरूमध्य को “प्रभावी रूप से बंद” करने की कोशिश की कड़ी निंदा। उन्होंने ईरान से तुरंत खतरे, माइनिंग, ड्रोन-मिसाइल हमले रोकने और UNSC Resolution 2817 का पालन करने की मांग की। बयान में कहा, “स्वतंत्र नौवहन अंतरराष्ट्रीय कानून का मूल है; ऊर्जा सप्लाई चेन में बाधा वैश्विक शांति के लिए खतरा है।”

अब क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

  • ब्रिटेन: डिएगो गार्सिया पर रक्षा मजबूत की, अमेरिका को और बेस इस्तेमाल की अनुमति (होर्मुज में ईरानी मिसाइल साइट्स पर हमले रोकने के लिए)।
  • अमेरिका: बेस पर SM-3 जैसे इंटरसेप्टर सिस्टम सक्रिय, युद्ध को “समाप्त” करने पर विचार लेकिन ईरान पर दबाव जारी।
  • UN और अंतरराष्ट्रीय: UNSC Resolution 2817 का सख्त पालन कराने की मांग, ईरान पर नए प्रतिबंधों की चर्चा।
  • ईरान: हमले को “महत्वपूर्ण कदम” बताया, लेकिन आगे की कार्रवाई पर चुप्पी।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला ईरान की “चेतावनी” है, लेकिन असफलता से उसकी मिसाइल क्षमता पर सवाल उठे हैं। अगर युद्ध भारतीय महासागर तक फैला तो वैश्विक तेल संकट और गहरा सकता है। स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण है – आगे की घटनाओं पर नजर रखें।

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TAGGED: ballistic missile range, Diego Garcia Base, Indian Ocean tension, Iran Missile Attack, Middle East War, ईरान मिसाइल हमला, डिएगो गार्सिया न्यूज, मिडिल ईस्ट युद्ध अपडेट, वैश्विक सुरक्षा संकट, हिंद महासागर तनाव
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