कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने पूरे देश को चौंका दिया है। राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) पूर्ण बहुमत के साथ अपनी सरकार बनाने के लिए तैयार है।
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) की हार के साथ ही उनके 15 साल के लंबे शासन का अंत हो गया है। बीजेपी ने 207 सीटें जीतकर एक ऐसा लैंडस्लाइड विक्ट्री (landslide victory) हासिल की है, जिसकी कल्पना विपक्षी दलों ने नहीं की थी।
तनाव और हिंसा के बीच नई सरकार की तैयारी
नतीजों के बाद राज्य के कई हिस्सों, विशेषकर कोलकाता, आसनसोल और बीरभूम में भारी तनाव और हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं। कई जगहों पर राजनीतिक कार्यालयों में तोड़फोड़ और झड़पें देखने को मिली हैं। इस बीच, दिल्ली से लेकर कोलकाता तक अगली सरकार के गठन की कवायद तेज हो गई है।
कौन होगा बंगाल का अगला मुख्यमंत्री?
बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व में नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर मंथन जारी है। शुभेंदु अधिकारी, जिन्होंने भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को हराया है, इस रेस में सबसे आगे माने जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, 9 मई 2026 को नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली ऐतिहासिक सफलता के साथ ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने देश के राजनीतिक मानचित्र पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। आजादी के 75 वर्षों के इतिहास में यह पहली बार है जब बंगाल की कमान बीजेपी के हाथों में आई है। इस जीत के साथ ही देश के 16 राज्यों में अब भाजपा के मुख्यमंत्री काबिज हैं।
बंगाल में सरकार गठन की सुगबुगाहट के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या बीजेपी यहाँ भी उत्तर प्रदेश या बिहार की तर्ज पर डिप्टी सीएम (उप-मुख्यमंत्री) का फॉर्मूला लागू करेगी?
जातिगत समीकरण: ओबीसी चेहरों पर सबसे ज्यादा भरोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने पिछड़ा वर्ग (OBC) को अपने साथ जोड़ने के लिए एक बड़ी रणनीतिक बढ़त हासिल की है। वर्तमान में बीजेपी के 16 मुख्यमंत्रियों में जातिगत प्रतिनिधित्व इस प्रकार है:
बीजेपी के मुख्यमंत्रियों में कौन किस समुदाय से
- योगी आदित्यनाथ (UP) : राजपूत (सवर्ण) : ठाकुर/क्षत्रिय समुदाय से.
- सम्राट चौधरी (बिहार): कोइरी (ओबीसी) : बिहार में कुशवाहा समाज
- भजनलाल शर्मा (राजस्थान) : ब्राह्मण (सवर्ण) : ब्राह्मण चेहरा
- मोहन यादव (MP) : यादव (ओबीसी): पिछड़ा वर्ग से
- देवेंद्र फडणवीस (महाराष्ट्र) : ब्राह्मण (सवर्ण): बीजेपी के बड़े नेताओं में
- नायब सिंह सैनी (हरियाणा) : सैनी (ओबीसी) : गैर जाट ओबीसी
- मोहन चरण माझी(ओडिशा) : आदिवासी (ST) : संथाल जनजाति से
- विष्णु देव साय (छत्तीसगढ़) : आदिवासी (ST) : जनजाति समुदाय से
- भूपेंद्र पटेल (गुजरात) : पाटीदार (OBC) : कड़वा पटेल
- पुष्कर सिंह धामी (उत्तराखंड) : राजपूत (सवर्ण): क्षत्रिय नेता
- डॉ.माणिक साहा(त्रिपुरा) : ब्राह्मण (सवर्ण) : बंगाली ब्राह्मण
- पेमा खांडू (अरुणाचल) : आदिवासी (ST) : मोनपा जनजाति
- युमनाम खेमचंद(मणिपुर) : मैइती (OBC): मैइती समुदाय से
- रेखा गुप्ता (दिल्ली) : वैश्य (सामान्य) : बनिया समुदाय से
- प्रमोद सावंत(गोवा) : मराठा (सामान्य) : मराठा समुदाय
- हिमंत बिस्वा सरमा (असम): ब्राह्मण : असमिया ब्राह्मण
“कुल मिलाकर अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी बंगाल में मुख्यमंत्री की कमान किसे सौंपती है। हालांकि दावेदारों की लंबी सूची है, लेकिन शुभेंदु अधिकारी का नाम सबसे ऊपर चल रहा है।
बंगाल चुनाव के दौरान जमीन पर उनका जबरदस्त दबदबा देखने को मिला। इतना ही नहीं, उन्होंने जिस तरह अकेले ममता बनर्जी को कड़ी चुनौती दी और भवानीपुर में उनके खिलाफ ऐतिहासिक जीत दर्ज की, वह सीएम पद के लिए उनकी दावेदारी को सबसे मजबूत बनाता है।”