आज के ज़माने में जहाँ हर हाथ में स्मार्टफोन है, वहीं टेक वर्ल्ड से एक ऐसी खबर आई है जिसने इंटरनेट पर हलचल मचा दी है। Pinterest के CEO “बिल रेडी” ने एक स्टेटमेंट देते हुए सरकारों से मांग की है कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया को पूरी तरह ‘ऑफ-लिमिट्स’ यानि बैन कर देना चाहिए।
“सोशल मीडिया नया ‘तंबाकू’ है”
बिल रेडी ने सीधा हमला करते हुए कहा कि आज की सोशल मीडिया इंडस्ट्री 20वीं सदी के ‘बिग टोबैको’ जैसी हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी:
“हम अपनी अगली पीढ़ी के साथ एक खतरनाक ‘सोशल एक्सपेरिमेंट’ कर रहे हैं। बिना किसी फिल्टर वाले एल्गोरिदम और कंटेंट किशोरों के मेंटल हेल्थ के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। अब वक्त आ गया है कि इसे भी तंबाकू की तरह रेगुलेट किया जाए।”

ऑस्ट्रेलिया और टेक जाइंट्स पर दबाव
रेडी ने ऑस्ट्रेलिया के सख्त नियमों को “असली गेम-चेंजर” बताया। उनका मानना है कि उम्र छिपाकर ऐप्स चलाने वालों को रोकने की जिम्मेदारी सिर्फ प्लेटफॉर्म्स की नहीं, बल्कि Apple और Google जैसे ऐप स्टोर्स की भी होनी चाहिए। उन्होंने साफ़ कहा कि सिर्फ ‘Terms & Conditions’ के पीछे छिपने से काम नहीं चलेगा।

इस बयान के 3 बड़े ‘रेड फ्लैग्स’
मेंटल हेल्थ क्राइसिस: सोशल मीडिया ऐप्स किशोरों में एंग्जायटी, डिप्रेशन और ‘बॉडी इमेज’ से जुड़ी हीन भावना का बड़ा कारण बन रहे हैं।
प्रॉफिट से ऊपर सेफ्टी: रेडी का कहना है कि कंपनियों को अपने ‘प्रॉफिट मार्जिन’ से ज्यादा बच्चों की ‘ऑनलाइन सेफ्टी’ पर ध्यान देना होगा।
सरकारों को अब सेल्फ-रेगुलेशन की उम्मीद छोड़कर सख्त कानून बनाने होंगे।
एक्सपर्ट्स की राय
इस पुरे मामले पर टेक एक्सपर्ट्स का कहना है की, जहाँ मेटा (Instagram/FB) जैसी कंपनियाँ अक्सर “एज रिस्ट्रिक्शन” के खिलाफ लॉबिंग करती हैं, वहीं एक टेक CEO का खुद आगे आकर ‘टोटल बैन’ की बात करना इंडस्ट्री में बड़ी बहस छेड़ चुका है।