मथुरा, 21 मार्च 2026: उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ब्रज क्षेत्र के विख्यात संत चंद्रशेखर, जिन्हें श्रद्धालु प्यार से ‘फरसा वाले बाबा’ कहते थे, की शनिवार तड़के एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई। घटना के बाद इलाके में गौ-तस्करी की अफवाहों के चलते भारी तनाव फैल गया था, लेकिन पुलिस की शुरुआती जांच और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मथुरा, श्री श्लोक कुमार के आधिकारिक बयान ने पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी है।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा? (घटनाक्रम)

घटना शनिवार तड़के करीब 3:00 से 4:00 बजे के बीच की है, जब पूरा इलाका घने कोहरे की चादर में लिपटा हुआ था।
- संदेह और चेकिंग: थाना कोसी क्षेत्र में बाबा ने एक संदिग्ध कंटेनर को रुकने का इशारा किया। उन्हें अंदेशा था कि इसमें अवैध सामग्री हो सकती है।
- पीछे से आई मौत: जिस समय बाबा कंटेनर की जांच कर रहे थे, तभी पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक (राजस्थान नंबर) ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
- कोहरे का असर: विजिबिलिटी शून्य के करीब होने के कारण ट्रक चालक बाबा को देख नहीं पाया और यह भीषण भिड़ंत हो गई। हादसे में बाबा की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
पुलिस का आधिकारिक स्पष्टीकरण: गौ-तस्करी का दावा गलत
घटना के तुरंत बाद यह खबर आग की तरह फैल गई कि बाबा को गौ-तस्करों ने ट्रक से कुचल दिया है। हालांकि, पुलिस ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
- कंटेनर की हकीकत: जिस वाहन को बाबा ने रोका था, उसकी तलाशी लेने पर उसमें किराने का सामान पाया गया।
- टक्कर मारने वाला ट्रक: जिस ट्रक ने बाबा को हिट किया, उसमें लोहे के तार लदे हुए थे।
- आरोपी की पहचान: ट्रक का चालक और परिचालक दोनों अलवर (राजस्थान) के रहने वाले हैं। दुर्घटना में चालक भी घायल हुआ है और फिलहाल पुलिस की निगरानी में उपचाररत है।
SSP श्लोक कुमार का वक्तव्य: “प्रकरण में गौ-तस्करी की किसी प्रकार की बात सामने नहीं आई है। यह घने कोहरे के कारण हुई एक दुर्भाग्यपूर्ण सड़क दुर्घटना है।”
मथुरा में तनाव: पुलिस पर पथराव और जाम
बाबा की मौत की खबर मिलते ही ब्रज क्षेत्र के गौरक्षक और समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा।

- छाता क्षेत्र में बवाल: आक्रोशित भीड़ ने थाना छाता क्षेत्र में हाईवे जाम कर दिया और पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया।
- पुलिस की कार्रवाई: स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने आवश्यक बल प्रयोग कर जाम खुलवाया। वर्तमान में पूरे जिले में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
अफवाहों का बाजार और पुलिस की चुनौती
मार्च के महीने में अचानक आए इस ‘दुर्लभ कोहरे’ और ठंडी लहर ने न केवल विजिबिलिटी कम की, बल्कि इस दुखद हादसे की मुख्य वजह भी बनी। शुरुआत में फैली गौ-तस्करी की अफवाहों ने कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी, लेकिन पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया ने स्थिति को सांप्रदायिक या हिंसक रूप लेने से बचा लिया।