ईरान जंग के खिलाफ इस्तीफा देने वाले अमेरिकी अधिकारी जोसेफ उर्फ जोए केंट को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल, हाल ही में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया था, लेकिन अब यही फैसला उनके लिए मुश्किलें खड़ी करता नजर आ रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने जोए केंट के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए जांच शुरू कर दी है। उन पर खुफिया जानकारी लीक करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इतना ही नहीं, यह भी कहा जा रहा है कि मामले में उनकी गिरफ्तारी तक हो सकती है।
हालांकि, इन सभी आरोपों के बीच केंट बेफिक्र नजर आ रहे हैं। उन्होंने एक बार फिर नया दावा कर पूरी दुनिया को चौंका दिया है।
जोए केंट इंटरव्यू: ईरान परमाणु कार्यक्रम पर बड़ा दावा, FBI जांच और ट्रंप प्रशासन पर सवाल
ईरान जंग के बीच इस्तीफा देने वाले अमेरिकी अधिकारी जोए केंट को लेकर अब मामला और गर्म हो गया है। एक तरफ उनके खिलाफ जांच शुरू हो गई है, तो दूसरी ओर उनके नए दावों ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है।
टकर कार्लसन को इंटरव्यू में क्या बोले केंट?
मशहूर यूट्यूबर टकर कार्लसन को दिए इंटरव्यू में जोए केंट ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि 2025 में भी ईरान के पास परमाणु हथियार बनाने लायक संवर्धित यूरेनियम नहीं था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि 2004 के बाद से ईरान ने परमाणु हथियार बनाने की दिशा में कोई गंभीर प्रयास नहीं किया है।
FBI जांच शुरू, लीक का आरोप
फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने जोए केंट के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की सिफारिश पर यह कार्रवाई की गई है।
केंट पर आरोप है कि उन्होंने युद्ध के दौरान संवेदनशील खुफिया जानकारी लीक की, जिसे अमेरिकी सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा था।
Espionage Act के तहत हो सकती है कार्रवाई
अमेरिका में खुफिया जानकारी लीक करना गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में Espionage Act के तहत कार्रवाई की जाती है। दोषी साबित होने पर 10 से 20 साल तक की सजा या कुछ मामलों में आजीवन कारावास का भी प्रावधान है।
केंट ने क्या-क्या दावे किए?
1. ईरान से तत्काल खतरा नहीं : केंट ने अपने इस्तीफे में लिखा कि यह कहना गलत है कि ईरान अमेरिका पर हमला करने वाला था। उनके मुताबिक, फिलहाल ईरान अमेरिका के लिए कोई बड़ा खतरा नहीं है।
2. ‘यह अमेरिका का युद्ध नहीं’: उन्होंने दावा किया कि यह युद्ध अमेरिका का नहीं है, बल्कि इजराइल और उसके प्रभावशाली लॉबी के दबाव में शुरू किया गया है।
3. परमाणु कार्यक्रम पर बड़ा खुलासा: केंट के अनुसार, 2004 में जारी फतवे के बाद से ईरान ने परमाणु हथियार बनाने की दिशा में काम नहीं किया है। उन्होंने इसे लेकर फैलाई जा रही बातों को गलत बताया।
4. ट्रंप की विदेश नीति पर सवाल: केंट ने डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि 2016 से शुरू हुई नीति और 2024 में प्रचारित “Make America Great Again” एजेंडा को ईरान युद्ध ने कमजोर कर दिया है।