ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की कथित मौत के बाद मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है। इस बीच इजराइल ने ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारिजानी को निशाना बनाते हुए उनके ठिकानों पर एयर स्ट्राइक करने का दावा किया है।
इजराइली पक्ष के अनुसार, यह हमला खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया। हालांकि, अब तक इस हमले की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस हमले में अली लारिजानी मारे गए हैं या सुरक्षित हैं। इजराइल की ओर से भी स्थिति की पुष्टि के लिए आकलन जारी बताया जा रहा है।टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक, जंग के तीसरे हफ्ते में प्रवेश करते ही इजराइल ने ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारिजानी को निशाने पर लेते हुए उनके ठिकानों पर हमले का दावा किया है। हालांकि, लारिजानी की स्थिति को लेकर अब तक स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
बताया जा रहा है कि अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान में बड़े फैसलों की जिम्मेदारी लारिजानी संभाल रहे थे, क्योंकि नए सुप्रीम लीडर के घायल होने की बात कही जा रही है। लारिजानी को खामेनेई का करीबी माना जाता था और जून 2025 में उन्हें सर्वोच्च सुरक्षा परिषद का सचिव नियुक्त किया गया था।
इस बीच, अमेरिकी सेंटकॉम (United States Central Command) ने भी लारिजानी को अपनी हिटलिस्ट में शामिल किया था और उनके बारे में जानकारी देने वालों के लिए इनाम की घोषणा की गई थी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने आखिरी पोस्ट (16 मार्च) में लारिजानी ने ईरान की ओर से मुस्लिम देशों को संबोधित करते हुए एक पत्र साझा किया था, जिसमें उन्होंने धार्मिक आधार पर संघर्ष की बात कही और अमेरिका को भी चेतावनी दी थी।
लारिजानी पहले ईरान में राष्ट्रपति पद का चुनाव भी लड़ चुके हैं, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली। देश की राजनीति में उन्हें कट्टरपंथी धड़े का प्रमुख चेहरा माना जाता है।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका द्वारा शुरू किए गए हमलों के बाद से अब तक कई शीर्ष ईरानी कमांडरों की मौत की खबरें सामने आ चुकी हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सीमित है।
ईरान ने ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए एक उत्तराधिकारी प्रणाली भी तैयार कर रखी है, जिसके तहत किसी भी शीर्ष पदाधिकारी की मौत की स्थिति में तुरंत नए नाम की घोषणा की जा सकती है।