लखनऊ के गोमती नगर इलाके में इन दिनों एक अलग तरह का विरोध देखने को मिल रहा है। सवर्ण मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों के खिलाफ अनोखा अभियान शुरू किया है। संगठन के सदस्य इलाके के कई घरों पर विरोध के स्टीकर लगा रहे हैं और लोगों को इस मुद्दे पर जागरूक करने की कोशिश कर रहे हैं। इन स्टीकरों पर “मुझे सवर्ण समाज का होने पर गर्व है” जैसे नारे लिखे हुए हैं, जिनके जरिए मोर्चा सरकार और यूजीसी के फैसलों का विरोध जता रहा है।
स्वर्ण मोर्चा के पदाधिकारियों का कहना है कि यूजीसी के नए नियम सवर्ण समाज के साथ अन्याय करते हैं और आरक्षण व्यवस्था में असंतुलन पैदा करते हैं। इसी वजह से जनवरी 2026 से इस मुद्दे को लेकर आंदोलन चल रहा है। उनका दावा है कि यह विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से किया जा रहा है और इसका मकसद सरकार तक अपनी बात पहुंचाना है।
मोर्चा के एक पदाधिकारी ने यह भी कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया और यूजीसी के नियम वापस नहीं लिए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले समय में भाजपा के प्रमुख नेताओं को चूड़ी, बिंदी और कंगन भेंट किए जाएंगे, जिसे वे सरकार की “कमजोरी” के प्रतीक के तौर पर पेश करेंगे।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, कार्यकर्ता घर-घर जाकर स्टीकर लगा रहे हैं और लोगों से इस मुद्दे पर समर्थन मांग रहे हैं। हालांकि अभी तक कहीं से किसी तरह के तनाव की खबर नहीं आई है, लेकिन यह अभियान इलाके में चर्चा का विषय जरूर बन गया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक विरोध जारी रहेगा।