झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। उन्हें सुप्रीम कोर्ट से अहम राहत मिली है। जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी समन की कथित अवहेलना के मामले में निचली अदालत में चल रहे केस पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है।
मामला क्या है?
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री Hemant Soren ने झारखंड हाई कोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ चल रही कार्यवाही को रद्द करने से इनकार कर दिया गया था।
यह मामला प्रवर्तन निदेशालय यानी Enforcement Directorate (ईडी) द्वारा दायर शिकायत से जुड़ा है। ईडी ने जमीन घोटाले में कथित संलिप्तता की जांच के दौरान जारी समन के बावजूद पेश नहीं होने पर सोरेन के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी।
इसी शिकायत के आधार पर विशेष सांसद-विधायक (एमपी-एमएलए) अदालत ने उनके खिलाफ संज्ञान लिया था। बाद में हाई कोर्ट ने भी कार्यवाही रद्द करने से इनकार कर दिया। 15 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने भी राहत देने से मना कर दिया, जिससे झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता को बड़ा झटका लगा।
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने ED की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कल हम अखबार में पढ़ रहे थे कि आपने बड़ी संख्या में शिकायतें दाखिल की हैं।
उन मामलों पर ध्यान केंद्रित कीजिए और अपनी ऊर्जा वहीं लगाइए। इससे कुछ रचनात्मक परिणाम निकलेंगे। जस्टिस बागची ने भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ये आतंकवाद से जुड़े अभियोजन के मामले हैं, आपका उद्देश्य पहले ही पूरा हो चुका है। अदालत के इस आदेश से मुख्यमंत्री हेमंत
कोर्ट के इस कदम से हेमंत सोरेन के लिए राहत भरी खबर है।