लखनऊ.पूर्वांचल की धरती पर अब क्रिकेट का नया सूरज उगने जा रहा है। लखनऊ के BRSABV Ekana Cricket Stadium, कानपुर के Green Park Stadium और वाराणसी में बन रहे अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के बाद अब गोरखपुर भी क्रिकेट के नक्शे पर दमदार एंट्री करने जा रहा है।
गोरखपुर में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम सिर्फ ईंट-पत्थरों की इमारत नहीं होगा, बल्कि पूर्वांचल की उभरती क्रिकेट प्रतिभाओं के लिए सुनहरा मंच साबित होगा। अब स्थानीय खिलाड़ियों को बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा, बल्कि उनके अपने क्षेत्र में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेंगी।
एकाना, ग्रीनपार्क और बनारस के बाद गोरखपुर में स्टेडियम का निर्माण पूर्वांचल में क्रिकेट गतिविधियों को नई रफ्तार देगा। टूर्नामेंट, ट्रेनिंग कैंप, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के आयोजन से खेल पर्यटन और आर्थिक गतिविधियां भी तेज होंगी। साफ है, आने वाले वर्षों में पूर्वांचल क्रिकेट का नया हब बनकर उभरेगा-और गोरखपुर इस बदलाव का केंद्र होगा।
दरअसल Indian Oil Corporation Limited (IOCL) गोरखपुर में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के लिए ₹60 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की उपस्थिति में उत्तर प्रदेश सरकार और IOCL के बीच इस संबंध में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
30 हजार दर्शकों की क्षमता वाला आधुनिक स्टेडियम
₹392.94 करोड़ की लागत से बनने वाले इस स्टेडियम में 30,000 दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी। इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। स्टेडियम में अत्याधुनिक पिच, अभ्यास क्षेत्र, फ्लडलाइट, आधुनिक ड्रेसिंग रूम, मीडिया सेंटर और उच्चस्तरीय खेल अवसंरचना की सुविधाएं होंगी, जिससे यहां बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का आयोजन संभव हो सकेगा। यह युवा खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, कौशल विकास और उत्कृष्टता के लिए मजबूत मंच प्रदान करेगा। परियोजना को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
स्टेडियम की विशेषताएँ
स्टेडियम का मुख्य परिसर 45 एकड़ में फैलेगा, जबकि 5 एकड़ में सहायक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसे गोरखपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ा जाएगा और एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस अड्डे से इसकी कनेक्टिविटी बेहतरीन रहेगी।
स्टेडियम में दो मंजिला संरचना के साथ सात मुख्य पिच और चार प्रैक्टिस पिच तैयार होंगी। कुल दर्शक क्षमता 30,000 होगी। मल्टीपर्पज मॉडल पर विकसित इस स्टेडियम में क्रिकेट के अलावा बड़े सांस्कृतिक और सार्वजनिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकेंगे।
ईस्ट और वेस्ट स्टैंड में 14,490-14,490 सीटें होंगी, जबकि नार्थ पवेलियन में 208 सीटों की वीआईपी गैलरी और 382 मीडिया सीटें बनाई जाएंगी। साउथ पवेलियन में खिलाड़ियों के ड्रेसिंग रूम, मैच अधिकारियों का क्षेत्र और 1708 सीटों की वीआईपी/वीवीआईपी गैलरी विकसित होगी।
हाईटेक और हरित सुविधाएं
स्टेडियम में 60 मीटर ऊंचे चार हाई मास्ट लाइटिंग पोल, सोलर पैनल और ऊर्जा दक्ष एचवीएसी सिस्टम लगाए जाएंगे। इसके अलावा अंडरग्राउंड वाटर टैंक, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, आंतरिक सड़कें और तूफानी जल निकासी प्रणाली भी विकसित की जाएगी।