अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump लगातार ईरान पर दबाव बना रहे हैं और सख्त बयान दे रहे हैं। ट्रंप चाहते हैं कि परमाणु समझौते पर जल्द सहमति बने, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि यदि समझौता नहीं हुआ तो ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
एक ओर जहां संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर अटकलें तेज हैं, वहीं कूटनीतिक समाधान की कोशिशें जारी रहने की भी बात कही जा रही है।
बातचीत बेनतीजा, बढ़ी अनिश्चितता
पिछले कई दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर वार्ता चल रही थी, जिसमें दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह बातचीत किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप जल्द बड़ा फैसला ले सकते हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका शनिवार तक संभावित सैन्य कार्रवाई पर निर्णय ले सकता है, क्योंकि वे सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।
युद्ध की आशंका?
अमेरिकी न्यूज पोर्टल Axios की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हालात तेजी से युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अगर संघर्ष शुरू होता है तो यह कई हफ्तों तक चलने वाला व्यापक सैन्य टकराव हो सकता है।
वहीं Israel भी संभावित युद्ध की आशंका को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप इस स्थिति को लेकर गंभीर हैं और उनके एक करीबी सलाहकार ने आने वाले हफ्तों में सैन्य कार्रवाई की संभावना 90 प्रतिशत तक बताई है।
ईरान का सख्त रुख
ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी दबाव में झुकने वाला नहीं है। हालांकि वार्ता को ‘अच्छी शुरुआत’ बताया गया, लेकिन ईरान ने अपनी स्पष्ट शर्तें रख दी हैं।
तेहरान का कहना है कि बातचीत केवल परमाणु मुद्दे तक सीमित रहेगी। मिसाइल कार्यक्रम, क्षेत्रीय गुटों को समर्थन और इज़रायल से जुड़े मुद्दों पर चर्चा उसकी ‘लाल रेखा’ से बाहर है।
इसी सख्त रुख के कारण क्षेत्रीय तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता नजर आ रहा है।