भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (E-2W) मार्केट में अब तस्वीर तेजी से बदल रही है। जो सेगमेंट कुछ साल पहले तक स्टार्टअप्स के कब्जे में माना जाता था, वहां अब पुराने और भरोसेमंद ऑटो दिग्गजों ने मजबूत पकड़ बना ली है। जनवरी 2026 तक TVS Motor Company, Bajaj Auto और Hero MotoCorp ने मिलकर करीब 60% मार्केट शेयर हासिल कर लिया है। यह 2023 के 34% शेयर से काफी बड़ा उछाल है, जो साफ संकेत देता है कि बाजार अब धीरे-धीरे स्टार्टअप्स से हटकर स्थापित कंपनियों की ओर शिफ्ट हो रहा है।
मजबूत डीलर नेटवर्क और भरोसे ने दिलाई बढ़त
ऑटो मार्केट रिसर्च फर्म जेटो डायनामिक्स के मुताबिक, इन कंपनियों ने अपने मजबूत डीलर नेटवर्क, बेहतर आफ्टर-सेल्स सर्विस और ब्रांड पर भरोसे के दम पर ग्राहकों को आकर्षित किया है। साल 2025 में कुल ई-टू-व्हीलर बिक्री लगभग 12.8 लाख यूनिट रही, जिसमें TVS ने करीब 2.98 लाख यूनिट, बजाज ने 2.69 लाख यूनिट और हीरो ने 1.09 लाख यूनिट की बिक्री दर्ज की।
जनवरी 2026 में कुल बिक्री 1.22 लाख यूनिट से ज्यादा रही। इस दौरान TVS ने 34,440 यूनिट (करीब 28% शेयर) के साथ लीड किया, उसके बाद बजाज 25,520 यूनिट (21%) और हीरो 13,274 यूनिट (11%) पर रहे। यानी सिर्फ तीन कंपनियों ने मिलकर 60% से ज्यादा बाजार अपने नाम कर लिया।
स्टार्टअप्स की पकड़ कमजोर, ओला का शेयर गिरा
दूसरी तरफ, Ola Electric जैसे स्टार्टअप्स का मार्केट शेयर लगातार घटता दिख रहा है। 2024 में जहां ओला का शेयर 36% था, वह 2025 में गिरकर करीब 16% रह गया। कंपनी की बिक्री में लगभग 51% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि सर्विस से जुड़ी शिकायतें, क्वालिटी इश्यू और वित्तीय दबाव ने स्थिति को और कमजोर कर दिया। अन्य स्टार्टअप्स भी इसी तरह की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, भारत का ईवी बाजार अब परिपक्व होता दिख रहा है, जहां ग्राहक सिर्फ नई टेक्नोलॉजी नहीं बल्कि भरोसेमंद सर्विस नेटवर्क और प्रोडक्ट की विश्वसनीयता को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 में यह ट्रेंड और मजबूत होगा और स्थापित कंपनियों की बढ़त जारी रह सकती है।