नई दिल्ली: गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत थोड़ी कमजोर रही और शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स-निफ्टी दबाव में दिखे। सेंसेक्स 350 अंकों से ज्यादा फिसलकर करीब 83,843 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 भी 128 अंक गिरकर 25,828 पर आ गया और 25,850 के अहम स्तर के नीचे चला गया। इंट्राडे के दौरान सेंसेक्स लगभग 395 अंक तक टूटा और निफ्टी का निचला स्तर 25,836 रहा।
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह आईटी सेक्टर में तेज बिकवाली रही। इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और विप्रो जैसे बड़े आईटी शेयरों में 3 से 5 प्रतिशत तक की कमजोरी देखी गई, जिससे निफ्टी आईटी इंडेक्स 3-4 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया और पूरे बाजार का मूड खराब हो गया। बाजार में चिंता का एक बड़ा कारण एआई टेक्नोलॉजी की तेजी से बढ़ती ताकत भी है, क्योंकि निवेशकों को लग रहा है कि इससे पारंपरिक आईटी सर्विसेज और आउटसोर्सिंग मॉडल पर असर पड़ सकता है।
वैश्विक संकेत भी बाजार के लिए बहुत सकारात्मक नहीं रहे। अमेरिका में मजबूत जॉब डेटा आने से यह संकेत मिला कि वहां ब्याज दरों में जल्द कटौती की उम्मीद कम हो सकती है, जिससे ग्लोबल टेक शेयरों में दबाव बढ़ा और उसका असर भारतीय आईटी शेयरों पर भी दिखा। वहीं एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे कुछ अन्य बड़े शेयर भी बाजार पर बोझ बने।
हालांकि पूरी तस्वीर पूरी तरह नकारात्मक नहीं रही। ओएनजीसी, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और ईचर मोटर्स जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे गिरावट कुछ हद तक संभली। विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी के लिए 25,800-25,750 का स्तर फिलहाल अहम सपोर्ट है, जबकि 26,000 के ऊपर मजबूत रेजिस्टेंस माना जा रहा है। फिलहाल निवेशकों की नजर अमेरिकी महंगाई आंकड़ों और आने वाले कॉर्पोरेट नतीजों पर टिकी हुई है।