लखनऊ। देश में आम बजट 2026 पेश होने के बाद अब 25 करोड़ से अधिक आबादी वाले उत्तर प्रदेश के बजट पर सभी की निगाहें टिकी हैं। योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने मंगलवार को यूपी विधानसभा में अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया। इस बार राज्य का कुल बजट आकार 9,12,696 करोड़ रुपये रखा गया है।
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि पिछली और वर्तमान सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के सभी क्षेत्रों में संतुलित विकास हुआ है। उन्होंने बताया कि एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्ष 2018-19 में जहां प्रदेश 29वें स्थान पर था, वहीं 2023-24 में यह सुधरकर 18वें स्थान पर पहुंच गया है।
वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश अब मोबाइल फोन निर्माण का बड़ा हब बनकर उभरा है। वर्तमान में देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का करीब 65 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में हो रहा है, जिससे राज्य भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र बन गया है।
योगी सरकार के इस रिकॉर्ड बजट में विकास, निवेश और औद्योगिक विस्तार को प्राथमिकता दी गई है।
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वित्तीय वर्ष 2026-2027 : रोजगार
● पुलिस विभाग में विभिन्न पदों पर वर्ष 2017 से अब तक 1,83,766 पुरूष एवं 35,443 महिला सहित कुल 2,19,000 से अधिक पदों पर भर्ती की गयी है तथा 1,58,000 कार्मिकों को पदोन्नति प्रदान की गयी।
● पुलिस विभाग में चयनित किये गये 60,244 आरक्षियों हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित है। अराजपत्रित श्रेणी के 83,122 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रचलित है।
● मिशन रोजगार के अन्तर्गत राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 1939 प्रवक्ता, 6,808 सहायक अध्यापक एवं 219 प्रधानाचार्यों को सम्मिलित करते हुये अब तक कुल 8,966 नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है। वर्ष 2017 से अब तक सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में कुल 34,074 शिक्षकों का चयन किया गया।
● मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के अंतर्गत सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने हेतु युवाओं को गारण्टी मुक्त एवं ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष 01 लाख नये सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना किये जाने का लक्ष्य है जिसे आवश्यकतानुसार बढ़ाया जा सकेगा।
● निवर्तमान मनरेगा योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 20 करोड़ मानव दिवस लक्ष्य के सापेक्ष दिनांक 13 जनवरी, 2026 तक 20 करोड़ 19 लाख 62 हजार मानव दिवस का सृजन किया जा चुका है जो कि देश में सर्वाधिक है तथा 47.11 लाख परिवारों को वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है।
चिकित्सा-स्वास्थ्य के लिए 35 हजार करोड़ का प्रावधान, 15 फीसदी का इजाफा
- चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए 37,956 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो 2025-2026 की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है।
- जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम प्रदेश के समस्त जनपदों में लागू है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रसव हेतु आने वाली गर्भवती महिलाओं को गारन्टीड कैशलेस डिलीवरी सेवा प्रदान करना है।
- राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रत्येक ब्लॉक में दो मेडिकल टीमें तैनात की गई जो आंगनबाडी केन्द्रों और स्कूलों में जा कर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं।
- प्रदेश के समस्त जनपदों में 08 दिसम्बर 2024 से संचालित पल्स पोलियो अभियान में 3 करोड़ 28 लाख 44 हजार 929 बच्चों को पोलियो ड्राप पिलाई गई।
- जपानी इन्सेफिलाईटिस से बचाव के लिए प्रदेश के संवेदनशील 42 जनपदों में टीकाकरण कार्यक्रम बिना किसी रुकावट के संचालित है।
- आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थी परिवारों की संख्या 49.22 लाख है. योजना हेतु 500 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित है।
- एकीकृत डिजीज सर्विलांस पोर्टल पर जनपद स्तर से सरकारी क्षेत्र के साथ निजी क्षेत्र की चिकित्सा इकाइयों द्वारा नियमित रूप से 16 संक्रामक रोगों, 6 वैक्सीन प्रिवेंटेबल डीजिजेज एवं कोविड-19 की रिपोर्टिंग की जा रही है।
- राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन हेतु लगभग 8,641 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन हेतु 2,000 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- 3.12 करोड़ कृषकों को 94,668 करोड़ रूपये की धनराशि कृषि खातों में ट्रांसफर: खन्ना
- नलकूपों से सिंचाई के लिए किसानों को 01 अप्रैल 2023 से मुफ्त विद्युत आपूर्ति प्रदान की जा रही है।
- वर्ष 2025-2026 में अल्पकालिक फसली ऋण वितरण के अंतर्गत 19 दिसम्बर 2025 तक 10,257 करोड़ रूपये का ऋण वितरण कर 15 लाख 01 हजार कृषकों को लाभान्वित किया गया।
- वर्ष 2025-2026 मे दीर्घकालिक ऋण वितरण के लक्ष्य रूपए 600 करोड़ की जगह दिनांक 30 नवम्बर 2025 तक 205 करोड़ रूपये का ऋण वितरण कर 6,870 कृषकों को लाभान्वित किया गया।
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत 2017-2018 से 2024-2025 तक करीब 62 लाख कृषकों को 5,110 करोड़ रूपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया गया।
- वर्ष 2025-2026 में खरीफ के अंतर्गत माह दिसम्बर 2025 तक 2.69 लाख बीमित कृषकों को 215 करोड़ रूपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जा चुका है।
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में वित्तीय वर्ष 2025-2026 में दिसम्बर 2025 तक 3.12 करोड़ कृषकों को करीब 94,668 करोड़ रूपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से कृषकों के खातों में हस्तांतरित की गई।
- महिलाओं के लिए बजट में ये है खास
- वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 58,000 ग्राम पंचायतों में 39,880 बी सी सखी द्वारा 39,000 करोड़ रूपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन करते हुए करीब 107 करोड़ रूपये का लाभ अर्जित किया गया।
- महिला सामर्थ्य योजना के अन्तर्गत प्रदेश में 5 मिल्क प्रोडयूसर कम्पनियों का गठन होना था, जिसके सापेक्ष जनपद गोरखपुर, बरेली एवं रायबरेली में कम्पनियों का गठन करने दुग्ध संग्रहण एवं विपणन का कार्य प्रारम्भ हो गया है।जनपद प्रयागराज एवं लखनऊ में कम्पनियों का गठन प्रस्तावित है।
- महिला गन्ना किसानों को पर्ची निर्गमन में प्राथमिकता दी जा रही है, जिसका लाभ प्रदेश की करीब 60 हजार महिला गन्ना किसानों को मिल रहा है।
- सेफ सिटी परियोजना के अन्तर्गत महिला पुलिस बीट, व्यापक सीसीटीवी नेटवर्क और एण्टी रोमियों स्क्वाड की तैनाती से सार्वजनिक स्थलों और कार्य स्थलों पर सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।
- सेफ सिटी की अवधारणा को मूर्तरूप देने और कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा और नए शहरों में एक उचित निवास स्थान उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से प्रदेश के नगर निगमों में वर्किंग वूमेन हॉस्टल का निर्माण किया जा रहा है।
- मिशन शक्ति के अन्तर्गत सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सेवाओं के एकीकरण से महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता को नई गति मिलती है।
- मुख्यमंत्री सुमंगला योजना के अन्तर्गत जनवरी 2026 तक 26.81 लाख बालिकाएं लाभान्वित हुई।
बजट भाषण की बड़ी बातें…
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- एसडीजी इंडिया इण्डेक्स में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग जो वर्ष 2018-2019 में 29 वें स्थान पर थी, बेहतर होकर वर्ष 2023-2024 में 18 वें स्थान पर आ गई है.
- राज्य सरकार द्वारा फरवरी, 2024 में चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स सम्मिट का सफलतम आयोजन किया गया.
- अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रूपये के एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं जिनसे लगभग 10 लाख रोजगार का सृजन सम्भावित है.
- इनमें से, अब तक लगभग 15 लाख करोड़ रूपये के निवेश की लगभग 16 हजार से अधिक परियोजनाओं के 04 ग्राउण्ड ब्र्रेकिंग समारोह सम्पन्न हो चुके हैं.
- उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केन्द्र है. देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है.
- भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कम्पोनेन्ट्स इकाईयां प्रदेश में स्थित हैं. प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रूपये तक पहुंच गया है.
- उद्योग और तकनीक में निवेश के साथ ही प्रदेश में नवाचार को बढ़ावा देने हेतु किये गये प्रयासों के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्ट अप रैंकिंग में लीडर श्रेणी की रैंकिंग हासिल हुई है.
- वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 58,000 ग्राम पंचायतों में 39,880 बीसी सखी द्वारा 39,000 करोड़ रूपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन करते हुये लगभग 107 करोड़ रूपये का लाभ अर्जित किया गया
- महिला सामर्थ्य योजना के अन्तर्गत प्रदेश में 5 मिल्क प्रोडयूसर कम्पनियों का गठन होना था जिसके सापेक्ष जनपद गोरखपुर, बरेली एवं रायबरेली में कम्पनियों का गठन करने दुग्ध संग्रहण एवं विपणन का कार्य प्रारम्भ हो गया है. जनपद प्रयागराज एवं लखनऊ में कम्पनियों का गठन प्रस्तावित है.
- महिला गन्ना किसानों को पर्ची निर्गमन में प्राथमिकता दी जा रही है जिसका लाभ प्रदेश की लगभग 60,000 महिला गन्ना किसानों को मिल रहा है.
- सेफ सिटी परियोजना के अन्तर्गत महिला पुलिस बीट, व्यापक सी.सी.टी.वी. नेटवर्क और एण्टी रोमियों स्क्वाड की तैनाती से सार्वजनिक स्थलों और कार्य स्थलों पर सुरक्षा सुनिश्चित हुई है.
- सेफ सिटी की अवधारणा को मूर्तरूप देने व कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा व नये शहरों में एक उचित निवास स्थान उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से प्रदेश के नगर निगमों में वर्किंग वूमेन हॉस्टल का निर्माण किया जा रहा है.
- मिशन शक्ति के अन्तर्गत सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सेवाओं के एकीकरण से महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता को नई गति मिलती है
- मुख्यमंत्री सुमंगला योजना के अन्तर्गत जनवरी, 2026 तक 26.81 लाख बालिकाएं लाभान्वित हुई हैं