शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत का एक बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा में है। यह बयान भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर दिया गया है, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज़ हो गई है।
संजय राउत ने इस समझौते को सीधे तौर पर ‘राष्ट्रद्रोह’ करार दिया है। यहीं नहीं, संजय राउत ने इस डील पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह समझौता भारत की संप्रभुता और आत्मसम्मान पर सीधा हमला है।
उनके इस बयान के बाद सियासी बयानबाज़ी और बहस और तेज़ हो गई है। संजय राउत ने कहा कि मोदी ने अमेरिका के साथ चार महीने से अटके व्यापार समझौते को जल्दबाजी और हड़बड़ी में निपटा दिया और भारत के साथ समझौता होने की घोषणा सबसे पहले अमेरिका ने बड़ी खुशी से की।
पाकिस्तान के साथ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भी राष्ट्रपति ट्रंप ने ही पहले ‘सीजफायर’ की घोषणा कर दी थी। अब व्यापार समझौते के मामले में भी ऐसा ही हुआ है।
अमेरिका के प्रेसिडेंट ट्रंप और अमेरिकी कृषि मंत्री ने बताया कि इस समझौते से उनके देश को वैसे लाभ हुआ। क्या प्रधानमंत्री मोदी यह बता सकते हैं कि यह समझौता उनके लिए लाभकारी है? हमें संक्षेप में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की खामियों को समझना चाहिए। बता दे कि अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील को लेकर समझौता हो गया है।
हालांकि सोशल मीडिया के माध्यम से ट्रंप ने पहले ही जानकारी दे दी थी, लेकिन कल इसका ऐलान आधिकारिक तौर पर किया गया। भारत और अमेरिका के बीच शनिवार को हुए इस अंतरिम व्यापार समझौते को मोदी सरकार अपनी बड़ी जीत बता रही है, लेकिन कांग्रेस ने पूरे प्रकरण में मोदी सरकार पर सवाल उठाए हैं और अब इस मुद्दे पर मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि जिसे बीजेपी के लोग “डील” कह रहे हैं, आने वाले समय में जनता को समझ आ जाएगा कि भारत को क्या-क्या नुकसान होने वाले हैं।