दिल्ली वालों के लिए प्रदूषण को लेकर एक खबर सामने आई है। Centre for Research on Energy and Clean Air (CREA) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 का जनवरी महीना पिछले पांच सालो में दिल्ली के लिए दूसरा सबसे कम पॉल्यूटेड जनवरी दर्ज किया गया है। हालांकि, पिछले साल यानी 2025 के आंकड़ों को देखें, तो इस बार प्रदूषण के स्तर में आंशिक रूप से इज़ाफा हुआ है।
क्या रहा बदलाव?
रिपोर्ट के मुताबिक, 30 जनवरी 2026 तक दिल्ली का एवरेज AQI 307 दर्ज किया गया। अगर इसकी तुलना पिछले साल से करें, तो जनवरी 2025 में एवरेज AQI 306 था (जो 2022 के बाद सबसे स्वच्छ था)। जनवरी 2026 में एवरेज AQI 307 रहा दूसरा सबसे स्वच्छ बताया गया है। और जनवरी 2022 में एवरेज AQI 279 था, जो अब तक का सबसे बेहतरीन रिकॉर्ड माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस साल जनवरी के 30 दिनों में हवा का मिजाज काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा:
पिछले साल जनवरी में एक भी दिन ‘Severe’ (AQI > 400) कैटेगरी में नहीं था। इस साल 17 से 19 जनवरी के बीच प्रदूषण का स्तर खतरनाक लेवल पर पहुँच गया था, जिसने पूरे महीने के औसत को थोड़ा बिगाड़ दिया।
बारिश और हवा ने बचाई लाज
एक्सपर्ट्स का कहना है कि जनवरी के आखिरी हफ्ते में हुई रिकॉर्ड बारिश ने दिल्ली को ‘गंभीर’ स्थिति से बाहर निकालने में मदद की है। 23 और 24 जनवरी को हुई भारी बारिश और तेज हवाओं ने इम्प्योरिटीज को हवा से साफ कर दिया। एक्सपर्ट्स ये भी कह रहे है की अगर यह बारिश न होती, तो जनवरी 2026 प्रदूषण के मामले में पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ सकता था।
आने वाले दिनों की चुनौती
राहत के बावजूद खतरा अभी टला नहीं है। मौसम विभाग और एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम ने प्रेडिक्शन की है कि 31 जनवरी और फरवरी के शुरुआती दिनों में हवा फिर से ‘Very Poor’ श्रेणी में रह सकती है। कम हवा की गति और कोहरे की वजह से प्रदूषण के कण फिर से जमीन के करीब जमा हो सकते हैं।