Sign In
  • My Bookmarks
IPress House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Reading: गंगा की स्वच्छता के लिए कानपुर में STP आधारित समाधान को मिल रहा है विस्तार, शोधित सीवेज के उपयोग से प्रदूषण भार घटाने की कोशिश
Share
IPress HouseIPress House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
IPress House > Blog > राज्य > गंगा की स्वच्छता के लिए कानपुर में STP आधारित समाधान को मिल रहा है विस्तार, शोधित सीवेज के उपयोग से प्रदूषण भार घटाने की कोशिश
राज्य

गंगा की स्वच्छता के लिए कानपुर में STP आधारित समाधान को मिल रहा है विस्तार, शोधित सीवेज के उपयोग से प्रदूषण भार घटाने की कोशिश

news desk
Last updated: January 29, 2026 6:55 pm
news desk
Share
गंगा स्वच्छता कानपुर
गंगा स्वच्छता कानपुर
SHARE

कानपुर: गंगा को पूरी तरह निर्मल और प्रदूषण-मुक्त बनाने की राह अभी लंबी और कठिन जरुर है, लेकिन इस दिशा में कानपुर में कुछ ठोस कोशिशें जरूर की जा रही हैं। शहर में संचालित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के जरिए गंदे पानी को सीधे गंगा में जाने से रोकने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि नदी पर पड़ने वाला प्रदूषण का दबाव कम किया जा सके। हालांकि गंगा की स्थिति में बड़ा बदलाव अभी दिखना बाकी है, लेकिन इन व्यवस्थाओं से हालात को और बिगड़ने से रोकने में कुछ हद तक मदद मिली है।

कानपुर में फिलहाल 7 एसटीपी काम कर रहे हैं, जहां नगर के सीवेज को वैज्ञानिक प्रक्रिया से शोधित कर तय मानकों के अनुसार छोड़ा जाता है। इस शोधित पानी का एक हिस्सा गंगा में प्रवाहित किया जाता है, जबकि बड़ा हिस्सा दोबारा इस्तेमाल में लाया जा रहा है।प्रतिदिन लगभग 455 एमएलडी सीवेज का वैज्ञानिक पद्धति से ट्रीटमेंट किया जा रहा है। नियामक संस्थाओं द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार बीओडी, सीओडी एवं फीकल कॉलिफॉर्म जैसे सभी आवश्यक पर्यावरणीय पैरामीटर्स का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की पर्यावरणीय क्षति न हो।

करीब 173 एमएलडी पानी किसानों को सिंचाई के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे लगभग 2,000 हेक्टेयर खेती को सहारा मिल रहा है। इससे किसानों को वैकल्पिक पानी मिला है और भूजल पर निर्भरता कुछ हद तक कम हुई है, हालांकि यह सुविधा अभी सीमित इलाकों तक ही पहुंची है।

इसी तरह, उद्योगों में भी इस शोधित जल के इस्तेमाल की शुरुआत की गई है। थर्मल पावर प्लांट में इसका उपयोग कर ताजे पानी की खपत घटाने की कोशिश हो रही है। 130 एमएलडी और 43 एमएलडी क्षमता वाले ये प्लांट बीओडी, सीओडी और टीएसएस जैसे मानकों को नियंत्रण में रखने के लिए बनाए गए हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक सभी नालों को पूरी तरह एसटीपी से नहीं जोड़ा जाता और निगरानी सख्त नहीं होती, तब तक गंगा के प्रदूषण पर पूरी तरह काबू पाना मुश्किल रहेगा।

कुल मिलाकर, कानपुर का यह मॉडल गंगा सफाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिसे असरदार बनाने के लिए निरंतर काम किया जा रहा है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Agricultural Irrigation Water, BOD COD Control, Environmental Policy India, Ganga Pollution Control, Ganga River Kanpur, Industrial Water Use, Kanpur STP Project, Namami Gange Mission, River Cleaning Model, Sewage Treatment Plant India, Sustainable Water Management, Treated Sewage Water Use, Urban Wastewater India, Water Reuse India, गंगा स्वच्छता अभियान
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article रुपया 92 के करीब 92 के करीब पंहुचा रुपया, बाजार में बढ़ी चिंता ! FPI आउटफ्लो और डॉलर डिमांड ने बढ़ाया दबाव
Next Article 'Haunted: Ghosts of the Past' Vikram Bhatt की ‘Haunted: Ghosts of the Past’ अब 2026 में मचाएगी तहलका! ट्रोलिंग के बाद बदले विजुअल्स!

फीचर

View More
एपस्टीन फाइल्स में बिल गेट्स

एपस्टीन फाइल्स में बिल गेट्स! मेलिंडा ने तोड़ी चुप्पी, पैंडेमिक सिमुलेशन से लेकर भारत को “लैबोरेटरी” बनाने तक – गेट्स का गन्दा खेल

कुछ हफ्ते पहले अमेरिकी न्याय विभाग ने एक बम फोड़ दिया। जेफरी एपस्टीन - वो शख्स जिसका नाम सुनते ही…

By Gopal Singh 8 Min Read
नोम चोमस्की एपस्टीन विवाद

वह विचारक जिसने सिखाया ‘हर चीज़ पर शक करो’, खुद किस सच से भागता रहा? एपस्टीन चोमस्की के रिश्तों के खुलासों से क्यों हिल गए लेफ्टिस्ट ?

कल्पना कीजिए—आप दशकों तक किसी को अपना वैचारिक मार्गदर्शक मानते रहे। उसकी…

9 Min Read

क्या अमेरिका इज़रायल के कब्जे में है? जॉनी किर्क हत्याकांड में खुल रहे हैं चौंकाने वाले राज, पत्नी भी मोसाद एजेंट?

हाल के दिनों में मोसाद के एजेंटों को लेकर चर्चाएं तेज़ हैं।…

5 Min Read

विचार

View More

भाग-3 : सत्याग्रह का दार्शनिक आधार: टॉल्स्टॉय, गीता और जैन अहिंसा

वैश्विक गांधी: Mandela, King, Einstein ...गांधी का प्रभाव भारत की…

February 5, 2026

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष : दक्षिण अफ़्रीका-अपमान, प्रतिरोध और सत्याग्रह का जन्म

1893 में जब महात्मा गांधी दक्षिण…

January 30, 2026

भाग–1 : दक्षिण अफ़्रीका से आधुनिक भारत तक… गांधी, नैतिक राजनीति और आज की प्रासंगिकता

गांधी — इतिहास नहीं, एक नैतिक…

January 28, 2026

मनोरंजन से वैचारिक हथियार तक… भारतीय सिनेमा में प्रोपेगेंडा का बदलता चेहरा

लोकतंत्र में सिनेमा कभी केवल मनोरंजन…

January 9, 2026

लोकतंत्र या नियंत्रित व्यवस्था? रूस-चीन की राह पर चलती भारत और संघ की अदृश्य रणनीति!

एक समय देश में कांग्रेस पार्टी…

December 15, 2025

You Might Also Like

Trending Newsराज्य

UP में 1 अप्रैल से महंगी होगी शराब: जानें कितने बढ़े दाम, पहली बार आएगा 100ML ‘बच्चा’ पैक

मौजूदा समय में बड़ी संख्या में लोग शराब पीना पसंद करते हैं। हालांकि, कई लोग महंगी शराब खरीदने में सक्षम…

3 Min Read
विशालकाय जीव के जीवाश्म
Trending Newsराज्य

अतरौला पहाड़ी पर मिली विशालकाय जीव के जीवाश्म…लेकिन 6 दिन बाद भी नहीं पहुंची विशेषज्ञ टीम, प्रशासन की सुस्ती से खतरे में पड़े अवशेष

भोपाल:   मध्य प्रदेश के सीधी जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने प्रशासन की कार्यशैली पर बड़ा सवाल…

2 Min Read
Trending Newsराज्य

भारत बंद 12 फरवरी: किसान, मजदूर और कर्मचारी संगठनों का आंदोलन,  बैंक, बाजार और स्कूल रहेंगे बंद…जानिए आपके शहर पर कितना होगा असर

संयुक्त किसान मोर्चा और देश की 10 प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते, केंद्र सरकार की आर्थिक…

4 Min Read
Latest NewsTrending Newsराज्य

गृह मंत्रालय का निर्देश: राष्ट्रगीत बजाते समय खड़े रहना अनिवार्य, स्कूल और समारोह शामिल

नई दिल्ली। मोदी सरकार ने वंदे मातरम को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के…

4 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?