मेटा (Meta) के CEO मार्क जुकरबर्ग एक बार फिर कानूनी पचड़ों में फंस गए हैं। न्यू मेक्सिको में चल रहे एक केस के दौरान कुछ इंटरनल ईमेल लीक हुए हैं, जिनसे पता चला है कि जुकरबर्ग ने उन ‘सेफ्टी रूल्स’ को लागू करने से मना कर दिया था जो बच्चों को AI के साथ गलत तरह की बातें करने से रोक सकते थे।
मामला क्या है?
रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 की शुरुआत में ही मेटा की सेफ्टी टीम ने जुकरबर्ग को वॉर्निंग दी थी कि उनके AI चैटबॉट्स बच्चों के साथ “रोमांटिक” और “सेंशुअल” बातें कर रहे हैं। जुकरबर्ग ने कथित तौर पर उन सुझावों को रिजेक्ट कर दिया जिनमें सख्त एज-वेरिफिकेशन यानि उम्र की जांच और माता-पिता के कंट्रोल की बात कही गई थी।
हैरान करने वाले नियम ये थे की कंपनी के अंदरूनी कागजों में ये तक लिखा मिला कि अगर AI किसी 8 साल के बच्चे से कहे “तुम्हारे शरीर का हर इंच एक मास्टरपीस है” तो इसे “OK” माना जाए। न्यू मेक्सिको के अटॉर्नी जनरल का आरोप है कि जुकरबर्ग के लिए यूज़र की संख्या और पैसा, बच्चों की सुरक्षा से ज्यादा जरूरी थे।
मेटा का पक्ष
मेटा के रिप्रेजेंटेटिव ने इन आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि: कोर्ट में बातों को “बढ़ा-चढ़ाकर और अधूरा” पेश किया जा रहा है। जुकरबर्ग ने हमेशा यही कहा था कि बच्चों को एडल्ट AI से दूर रखा जाए।
अब क्या एक्शन लिया गया?
विवाद बढ़ता देख और फरवरी 2026 के ट्रायल से ठीक पहले, मेटा ने 23 जनवरी 2026 को हाथ-पांव मारते हुए एक बड़ा फैसला लिया:
दुनियाभर में टीन्स के लिए खास AI किरदारों को बंद कर दिया गया है। अब बच्चे सिर्फ बेसिक ‘मेटा एआई’ का इस्तेमाल कर पाएंगे। फ्लर्ट करने वाले या रोमांटिक AI कैरेक्टर्स उनके लिए हटा दिए गए हैं।
आगे क्या होगा?
अगले महीने इस मामले की कोर्ट में सुनवाई शुरू होगी। अगर आरोप सच साबित हुए, तो मेटा पर न केवल भारी जुर्माना लगेगा, बल्कि पूरी दुनिया में AI के इस्तेमाल को लेकर कानून बहुत सख्त हो सकते हैं।