नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में आज सुबह घना स्मॉग छाया हुआ है, जिससे हवा की गुणवत्ता चिंताजनक बनी हुई है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 379 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ (Very Poor) श्रेणी में आता है। यह स्तर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए।
पिछले तीन दिनों से ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में रही हवा की गुणवत्ता में मामूली सुधार हुआ है। सोमवार सुबह AQI 418 और रविवार को 439 था, लेकिन आज यह 379 पर आ गया। हालांकि, कई इलाकों में स्थिति अभी भी ‘गंभीर’ बनी हुई है—पंडव नगर में 445, आईटीओ में 414, आनंद विहार और अशोक विहार में 444, वजीरपुर में 446 तक पहुंच गया। एनसीआर के नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी AQI ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ के बीच है।
स्मॉग की मोटी परत ने विजिबिलिटी को काफी कम कर दिया है, जिससे सुबह के समय ट्रैफिक और लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। ठंडी हवाओं, कम तापमान (न्यूनतम 7.7°C के आसपास) और कम हवा की गति के कारण प्रदूषक जमीन के पास फंस गए हैं, जिससे स्मॉग और घना हो रहा है।
राहत की उम्मीद: मौसम विभाग (IMD) और एयर क्वालिटी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम (AQEWS) के अनुसार, अगले कुछ दिनों में हल्की बारिश की संभावना है—खासकर 23 जनवरी के आसपास। यह बारिश प्रदूषकों को धोकर हवा को साफ करने में मदद कर सकती है। फिलहाल, अगले दो दिनों तक AQI ‘बहुत खराब’ या ‘गंभीर’ श्रेणी में रहने की आशंका है।
स्वास्थ्य सलाह और GRAP उपाय:
- CAQM ने GRAP स्टेज-IV लागू रखा है, जिसमें BS-III/IV डीजल वाहनों पर प्रतिबंध, निर्माण गतिविधियां सीमित, और अन्य सख्त कदम शामिल हैं।
- लोगों को बाहर निकलते समय N95 मास्क पहनने, शारीरिक गतिविधियां कम करने और इनडोर रहने की सलाह दी जा रही है।
- प्रदूषण के मुख्य स्रोत—वाहन उत्सर्जन, निर्माण धूल, पराली जलाना और औद्योगिक उत्सर्जन—पर नियंत्रण की जरूरत है।
दिल्लीवासियों को सतर्क रहने और प्रदूषण कम करने वाले कदम उठाने की अपील की जा रही है। अगर स्थिति और बिगड़ती है, तो और सख्त उपाय लागू किए जा सकते हैं।