Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Reading: चाबहार से भारत की चुपचाप विदाई ! क्या ट्रंप की ‘मैक्सिमम प्रेशर’ नीति की भेंट चढ़ गई 23 साल की कूटनीति ?
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > चाबहार से भारत की चुपचाप विदाई ! क्या ट्रंप की ‘मैक्सिमम प्रेशर’ नीति की भेंट चढ़ गई 23 साल की कूटनीति ?
Trending Newsवर्ल्ड

चाबहार से भारत की चुपचाप विदाई ! क्या ट्रंप की ‘मैक्सिमम प्रेशर’ नीति की भेंट चढ़ गई 23 साल की कूटनीति ?

Gopal Singh
Last updated: January 16, 2026 1:16 pm
Gopal Singh
Share
चाबहार बंदरगाह से भारत की वापसी
चाबहार बंदरगाह से भारत की वापसी
SHARE

अमेरिकी प्रतिबंधों की सख्ती ने भारत को एक बार फिर कठिन कूटनीतिक मोड़ पर ला खड़ा किया है। ईरान के चाबहार बंदरगाह से भारत की लगभग पूरी तरह से निकासी अब साफ नजर आने लगी है। जिस चाबहार को भारत पाकिस्तान को बाइपास करने, अफगानिस्तान, मध्य एशिया और यूरोप तक सीधी पहुंच के रणनीतिक रास्ते के तौर पर देखता था, वही प्रोजेक्ट अब डोनाल्ड ट्रंप की “मैक्सिमम प्रेशर” नीति की भेंट चढ़ गया है। भारत पहले ही इस परियोजना में 120 मिलियन डॉलर ईरान को दे चुका है, लेकिन अब बंदरगाह का संचालन पूरी तरह ईरान अपने हाथ में लेगा। इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (IPGL) के सरकारी निदेशकों का एक साथ इस्तीफा और कंपनी की वेबसाइट का बंद होना इस पीछे हटने की कहानी को और पुख्ता करता है।

Contents
चाबहार क्यों था भारत के लिए इतना अहमअमेरिकी प्रतिबंध और ट्रंप की ‘मैक्सिमम प्रेशर’ नीतिरणनीतिक झटका या मजबूरी में समझौता?

चाबहार क्यों था भारत के लिए इतना अहम

चाबहार बंदरगाह ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में ओमान की खाड़ी पर स्थित है और भारत के लिए यह सिर्फ एक बंदरगाह नहीं, बल्कि रणनीतिक हथियार जैसा था। इसका मकसद पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) का मुकाबला करना था। 2016 में भारत, ईरान और अफगानिस्तान के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते के बाद 2018 में भारत ने IPGL के जरिए शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल का संचालन शुरू किया। मई 2024 में तो 10 साल का नया करार भी हुआ, जिसमें 120 मिलियन डॉलर के उपकरण और 250 मिलियन डॉलर की क्रेडिट लाइन का वादा किया गया। चाबहार इंटरनेशनल नॉर्थ–साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) का अहम हिस्सा था, जो भारत को मध्य एशिया, रूस और यूरोप से जोड़ता है। हालांकि अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से इसकी पूरी क्षमता कभी इस्तेमाल ही नहीं हो पाई।

अमेरिकी प्रतिबंध और ट्रंप की ‘मैक्सिमम प्रेशर’ नीति

2018 से ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध लागू हैं, लेकिन लंबे समय तक चाबहार को अफगानिस्तान के हितों के नाम पर छूट मिली रही। यह छूट सितंबर 2025 में खत्म कर दी गई। भारत को सिर्फ छह महीने का वक्त दिया गया ताकि वह अपनी गतिविधियां समेट सके। जनवरी 2026 में ट्रंप ने साफ कर दिया कि ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर अमेरिका से व्यापार में 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगेगा। भारत के लिए यह बड़ा खतरा था, क्योंकि अमेरिका के साथ उसका व्यापार ईरान की तुलना में कहीं ज्यादा बड़ा है। ऐसे में चाबहार पर टिके रहना आर्थिक और कूटनीतिक दोनों मोर्चों पर महंगा पड़ सकता था।

रणनीतिक झटका या मजबूरी में समझौता?

भारत ने पहले ही 120 मिलियन डॉलर ट्रांसफर कर दिए थे और कोई बकाया नहीं बचा। चाबहार में भारत की कोई स्थायी संपत्ति भी नहीं थी, संचालन ईरानी कर्मचारियों के भरोसे था। जैसे ही प्रतिबंधों का खतरा बढ़ा, IPGL के सभी सरकारी निदेशकों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया ताकि व्यक्तिगत प्रतिबंधों से बचा जा सके। वेबसाइट बंद करना भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। रणनीतिक तौर पर यह भारत के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि अब अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंच मुश्किल और महंगी हो जाएगी। इसका फायदा चीन और पाकिस्तान को मिलता दिख रहा है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि चाबहार कोई साधारण बंदरगाह नहीं, बल्कि अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक भारत की सीधी पहुंच का अहम जरिया है, जिससे पाकिस्तान को बाइपास किया जा सकता है और चीन की बेल्ट एंड रोड पहल को चुनौती मिलती है। उन्होंने आरोप लगते हुए कहा कि अमेरिका के हल्के दबाव में चाबहार से भारत की खामोश वापसी को विदेश नीति की बड़ी कमजोरी बताया और सवाल उठाया कि सरकार कब तक वॉशिंगटन को भारत के राष्ट्रीय हित तय करने देगी। खेड़ा ने कहा कि असली मुद्दा चाबहार या रूसी तेल नहीं, बल्कि यह है कि प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका को भारत की रणनीतिक स्वायत्तता पर दबाव बनाने की इजाजत क्यों दे रहे हैं।

हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कोई वैचारिक हार नहीं, बल्कि मजबूरी में लिया गया फैसला है। अगर भविष्य में ईरान पर प्रतिबंध हटते हैं या वहां राजनीतिक हालात बदलते हैं, तो भारत की वापसी की संभावना बनी रह सकती है। फिलहाल चाबहार से पीछे हटना भारत की विदेश नीति की उस चुनौती को दिखाता है, जहां उसे अमेरिका, ईरान और चीन जैसे विरोधी हितों के बीच संतुलन साधना पड़ता है। आगे भारत को नए वैकल्पिक रास्ते और रणनीतियां तलाशनी ही होंगी।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Chabahar exit India, Chabahar port, China Pakistan strategy, Global trade routes, Gwadar port, India foreign policy, India Iran relations, India US trade, Indian Press House, INSTC corridor, IPGL, Iran sanctions impact, Middle East geopolitics, Strategic diplomacy India, Trump maximum pressure, US sanctions Iran
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article WIFE से जबरन अप्राकृतिक संबंध का आरोप, HC ने गुरुग्राम के बिजनेसमैन को नहीं दी राहत, मामला आपको चौंका सकता है
Next Article SKY विवाद में 100 करोड़ की मानहानि का खतरा ! ‘सूर्या मुझे मैसेज करते थे’ – कहकर फंसी Splitsvilla फेम खुशी मुखर्जी, SKY विवाद में 100 करोड़ की मानहानि का खतरा !

फीचर

View More

Good Friday 2026: ईसा मसीह की शहादत के दिन में ‘Good’ शब्द का रहस्य, शोक के दिन को क्यों कहा जाता है ‘पवित्र शुक्रवार’?

नई दिल्ली: आज 3 अप्रैल 2026 को दुनिया भर में गुड फ्राइडे मनाया जा रहा है। यह वह दिन है…

By news desk 3 Min Read

UAE vs ईरान: 120 साल पुरानी दुश्मनी बनी ‘विश्व युद्ध’ की आहट? होर्मुज के 3 द्वीपों का पूरा सच

दुबई/तेहरान। मिडिल ईस्ट में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान पर…

5 Min Read
AT1 बॉन्ड्स HDFC Bank विवाद

HDFC Bank Crisis Explained: AT1 Bonds का सच — क्यों HDFC Bank विवाद ने हिला दी “सेफ इन्वेस्टमेंट” की धारणा ?

नई दिल्ली:  भारत के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC Bank में अचानक…

5 Min Read

विचार

View More
भारत–पाकिस्तान क्रिकेट राइवलरी

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ : भारत–पाकिस्तान…

February 16, 2026

भाग-3 : सत्याग्रह का दार्शनिक आधार: टॉल्स्टॉय, गीता और जैन अहिंसा

वैश्विक गांधी: Mandela, King, Einstein ...गांधी…

February 5, 2026

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष : दक्षिण अफ़्रीका-अपमान, प्रतिरोध और सत्याग्रह का जन्म

1893 में जब महात्मा गांधी दक्षिण…

January 30, 2026

भाग–1 : दक्षिण अफ़्रीका से आधुनिक भारत तक… गांधी, नैतिक राजनीति और आज की प्रासंगिकता

गांधी — इतिहास नहीं, एक नैतिक…

January 28, 2026

मनोरंजन से वैचारिक हथियार तक… भारतीय सिनेमा में प्रोपेगेंडा का बदलता चेहरा

लोकतंत्र में सिनेमा कभी केवल मनोरंजन…

January 9, 2026

You Might Also Like

4000 करोड़ की ‘रामायण’ पर बड़ा अपडेट
EntertainmentTrending News

4000 करोड़ की ‘रामायण’ पर बड़ा अपडेट, पार्ट 2 की आधी शूटिंग पूरी, रणबीर कपूर, बोले- यह मेरी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट है

मुंबई/लॉस एंजिल्स: बॉलीवुड सुपरस्टार रणबीर कपूर ने अपनी मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘रामायण’ को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। रणबीर ने…

2 Min Read
पाकिस्तान रक्षा मंत्री बयान भारत
Trending Newsसियासी

Pakistan Defence Minister के फिर बिगड़े बोल, कहा- अबकी बार भारत के अंदर घुसकर देंगे जवाब

नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर बयानबाज़ी तेज हो गई है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा…

2 Min Read
हिना बलोच के बयान से बहस तेज, पाकिस्तान पर क्यों उठ रहे नए सवाल?
Trending Newsवर्ल्ड

क्या 80 फीसदी पाकिस्तानी मर्द समलैंगिक हैं? हालात कैसे बनते जा रहे हैं विस्फोटक!

पाकिस्तान की ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट हिना बलोच के एक बयान ने सोशल मीडिया से लेकर सामाजिक और राजनीतिक हलकों तक नई…

6 Min Read
दिल्ली एक्सपायर्ड फूड रैकेट
Trending Newsक्राइम

दिल्ली में एक्सपायर्ड फूड रैकेट का भंडाफोड़, डेट बदलकर बिक रही थीं सॉफ्ट ड्रिंक्स और बिस्किट्स

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने द्वारका इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक्सपायर्ड फूड और बेवरेजेस को…

2 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?