नई दिल्ली : भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को ज़बरदस्त तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती घंटों में ही सेंसेक्स 700 अंकों से ज्यादा उछल गया, जबकि निफ्टी ने 25,850 का अहम स्तर पार कर लिया। बाजार में इस तेजी की सबसे बड़ी वजह आईटी दिग्गज इंफोसिस के मजबूत तिमाही नतीजे और उसके बेहतर ग्रोथ आउटलुक को माना जा रहा है, जिससे पूरे आईटी सेक्टर में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली।
सुबह करीब 10:30 बजे बीएसई सेंसेक्स 686 अंकों की बढ़त के साथ 84,068 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, वहीं एनएसई निफ्टी 190 अंकों की छलांग लगाकर 25,855 तक पहुंच गया। आईटी इंडेक्स में 3 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। इंफोसिस के शेयरों में करीब 5 फीसदी का उछाल देखने को मिला, जबकि टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, टीसीएस और विप्रो जैसे अन्य आईटी शेयर भी 2 से 3.5 फीसदी तक मजबूत रहे।
इंफोसिस के नतीजों ने बदला बाजार का मूड
इंफोसिस ने दिसंबर तिमाही (Q3 FY26) के नतीजों में सालाना आधार पर 9 फीसदी की राजस्व वृद्धि दर्ज की, जो बढ़कर 45,479 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने राजस्व वृद्धि अनुमान को पहले के 2–3 फीसदी से बढ़ाकर 3–3.5 फीसदी कर दिया है। कंपनी के सीईओ के मुताबिक, एआई से जुड़े सौदों और बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स की वजह से मांग में सुधार देखने को मिल रहा है, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। इंफोसिस ने इस तिमाही में 4.8 बिलियन डॉलर के बड़े सौदे हासिल किए, जिनमें से 57 फीसदी नए थे।
ग्लोबल संकेत और आगे की बाजार दिशा
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इंफोसिस के मजबूत प्रदर्शन ने पूरे आईटी सेक्टर को सहारा दिया है, जो पिछले साल एच-1बी वीजा नियमों और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर अनिश्चितताओं से दबाव में था। वैश्विक संकेत फिलहाल मिले-जुले रहे, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की संभावनाओं ने बाजार का माहौल सकारात्मक बनाए रखा। निवेशकों की नजर आज आने वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज और विप्रो के तिमाही नतीजों पर भी टिकी हुई है, जो बाजार की आगे की दिशा तय कर सकते हैं।
मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 0.5 से 1 फीसदी तक की तेजी देखी गई, जबकि बैंकिंग और कैपिटल मार्केट सेक्टर में भी खरीदारी रही। हालांकि, सन फार्मा, भारती एयरटेल और आईसीआईसीआई बैंक जैसे कुछ बड़े शेयरों में दबाव देखने को मिला।
विश्लेषकों का मानना है कि 2026 में बाजार की रफ्तार कंपनियों की आय वृद्धि पर निर्भर करेगी और इंफोसिस जैसे मजबूत नतीजे इस दिशा में सकारात्मक संकेत दे रहे हैं। हालांकि, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितताओं पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।