Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Reading: चुनाव से पहले नया विवाद! क्या Greenland प्लान से अर्थव्यवस्था की नाकामी छुपाना चाहते हैं ट्रंप?
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > चुनाव से पहले नया विवाद! क्या Greenland प्लान से अर्थव्यवस्था की नाकामी छुपाना चाहते हैं ट्रंप?
Trending Newsवर्ल्ड

चुनाव से पहले नया विवाद! क्या Greenland प्लान से अर्थव्यवस्था की नाकामी छुपाना चाहते हैं ट्रंप?

news desk
Last updated: January 11, 2026 12:31 pm
news desk
Share
ट्रंप ग्रीनलैंड विवाद
ट्रंप ग्रीनलैंड विवाद
SHARE

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयानों और फैसलों को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला दुनिया के सबसे बड़े द्वीप ग्रीनलैंड का है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने संयुक्त विशेष अभियान कमांड (JSOC) को ग्रीनलैंड पर संभावित सैन्य हमले की योजना बनाने का निर्देश दिया है। यह खबर ऐसे वक्त आई है जब ट्रंप लगातार यह दावा करते रहे हैं कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम है और जरूरत पड़ी तो उस पर कब्जा किया जा सकता है। हालांकि, अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारी इस पूरे विचार से असहमत नजर आ रहे हैं और इसे कानून के खिलाफ बता रहे हैं।

ट्रंप का ग्रीनलैंड प्रेम पुराना है

ट्रंप का ग्रीनलैंड को लेकर आकर्षण कोई नई बात नहीं है। 2019 में अपने पहले कार्यकाल के दौरान उन्होंने डेनमार्क से ग्रीनलैंड खरीदने की पेशकश की थी, जिसे डेनमार्क सरकार ने साफ शब्दों में खारिज कर दिया था। अब 2026 में हालात एक बार फिर गर्म हैं। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने वाली सफल अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ट्रंप के करीबी सलाहकार, खासकर स्टीफन मिलर जैसे ‘हॉक’ माने जाने वाले नेता, इस योजना को आगे बढ़ाने के पक्ष में हैं। ट्रंप का मानना है कि आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन का बढ़ता प्रभाव अमेरिका के लिए खतरा है और ग्रीनलैंड पर नियंत्रण से इस चुनौती को रोका जा सकता है। इसके अलावा, ग्रीनलैंड में मौजूद दुर्लभ खनिज और उसका रणनीतिक स्थान भी इस दिलचस्पी की बड़ी वजह माने जा रहे हैं।

सेना के अंदर ही उठ रहे सवाल

दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप की इस सोच का सबसे कड़ा विरोध खुद अमेरिकी सेना के भीतर से हो रहा है। जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के कई सदस्यों ने इसे ‘पागलपन’ और ‘अवैध’ करार दिया है। सेना के शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि बिना कांग्रेस की मंजूरी के ऐसा कोई भी सैन्य कदम उठाना संभव नहीं है। साथ ही, यह नाटो संधि का भी खुला उल्लंघन होगा, क्योंकि ग्रीनलैंड डेनमार्क का हिस्सा है और डेनमार्क नाटो का सदस्य देश है। सूत्रों के मुताबिक, सैन्य अधिकारी ट्रंप को ग्रीनलैंड की बजाय दूसरे मुद्दों पर ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं, जैसे रूसी ‘घोस्ट शिप्स’ को रोकना या ईरान से जुड़ी रणनीतियां।

डेनमार्क से यूरोप तक नाराजगी

इस खबर के सामने आते ही डेनमार्क और ग्रीनलैंड की सरकारों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट्टे फ्रेडरिकसन ने साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका किसी नाटो सहयोगी पर हमला करता है, तो हालात बेहद गंभीर हो जाएंगे। ब्रिटेन ने भी दो टूक कहा है कि वह ग्रीनलैंड पर किसी भी हमले के लिए अमेरिका को अपनी सैन्य सुविधाएं इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं देगा। यूरोप के कई नेता इस पूरे घटनाक्रम को नाटो के लिए खतरा मान रहे हैं और आशंका जता रहे हैं कि ट्रंप का असली मकसद नाटो को कमजोर करना हो सकता है।

ग्रीनलैंड में करीब 57 हजार लोग रहते हैं और यह डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र है। अमेरिका पहले से ही 1951 की संधि के तहत यहां पिटुफिक स्पेस बेस (पहले थुले एयर बेस) संचालित करता है, जहां 100 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। ट्रंप प्रशासन के विदेश मंत्री मार्को रुबियो का कहना है कि ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए ‘खरीद’ को प्राथमिक विकल्प माना जा रहा है, लेकिन सैन्य रास्ते को पूरी तरह खारिज भी नहीं किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पूरा विवाद अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले आर्थिक मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश भी हो सकता है। अगर ट्रंप इस योजना पर आगे बढ़ते हैं, तो इसका असर सिर्फ नाटो तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था भी खतरे में पड़ सकती है। फिलहाल, सबकी नजरें अमेरिकी कांग्रेस और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Arctic geopolitics, Denmark Greenland reaction, Donald Trump News, Europe NATO tension, global security news, Greenland controversy, Greenland strategic importance, NATO crisis, Trump economy issues, Trump Greenland plan, US election politics, US foreign policy, US midterm elections, US military plan, world politics news
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article भारत रत्न विवाद: नीतीश कुमार या लालू यादव? बिहार में नेताओं की बयानबाजी जारी
Next Article कड़ाके की ठंड से कांपा उत्तर भारत, दिल्ली में टूटा सीजन का रिकॉर्ड

फीचर

View More
लखनऊ चिकनकारी कारीगरों का संकट, जंग से ठप पड़ा काम

जंग ने छीनी लखनऊ चिकनकारी की चमक, सूने करघे, बुझते चूल्हे और उम्मीद की आखिरी डोर !

लखनऊ। नवाबों के शहर की पहचान सिर्फ उसकी तहज़ीब, अदब और इमामबाड़ों से नहीं है, बल्कि उन नाज़ुक धागों से…

By news desk 5 Min Read

इनर मंगोलिया की झीलों में छिपा था 10 करोड़ साल पुराना रहस्य, डायनासोर युग का यह छोटा जीव आखिर कैसे बचा रहा करोड़ों साल?

बीजिंग/नई दिल्ली, 7 अप्रैल 2026: चीन के इनर मंगोलिया से वैज्ञानिकों को…

3 Min Read

Good Friday 2026: ईसा मसीह की शहादत के दिन में ‘Good’ शब्द का रहस्य, शोक के दिन को क्यों कहा जाता है ‘पवित्र शुक्रवार’?

नई दिल्ली: आज 3 अप्रैल 2026 को दुनिया भर में गुड फ्राइडे…

3 Min Read

विचार

View More
भारत–पाकिस्तान क्रिकेट राइवलरी

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ : भारत–पाकिस्तान…

February 16, 2026

भाग-3 : सत्याग्रह का दार्शनिक आधार: टॉल्स्टॉय, गीता और जैन अहिंसा

वैश्विक गांधी: Mandela, King, Einstein ...गांधी…

February 5, 2026

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष : दक्षिण अफ़्रीका-अपमान, प्रतिरोध और सत्याग्रह का जन्म

1893 में जब महात्मा गांधी दक्षिण…

January 30, 2026

भाग–1 : दक्षिण अफ़्रीका से आधुनिक भारत तक… गांधी, नैतिक राजनीति और आज की प्रासंगिकता

गांधी — इतिहास नहीं, एक नैतिक…

January 28, 2026

मनोरंजन से वैचारिक हथियार तक… भारतीय सिनेमा में प्रोपेगेंडा का बदलता चेहरा

लोकतंत्र में सिनेमा कभी केवल मनोरंजन…

January 9, 2026

You Might Also Like

थिएटर में फ्लॉप, OTT पर हिट बनी O’ Romeo
EntertainmentTrending News

सिनेमाघरों में नहीं चला जादू, अब घर बैठे दर्शकों को पसंद आ रही है ‘O’ Romeo’, Prime Video पर दूसरे नंबर तक पहुंची फिल्म

आज के दौर में फिल्मों का सफर सिर्फ थिएटर तक सीमित नहीं रह गया है। कई बार जो फिल्में बॉक्स…

3 Min Read
US Iran Peace Talks Islamabad 2026
Trending Newsवर्ल्ड

US-Iran Peace Talks: इस्लामाबाद में शुरू हुई हाई-लेवल वार्ता में न्यूक्लियर और सैंक्शंस पर अब भी बड़ा गतिरोध

इस्लामाबाद, 11 अप्रैल 2026: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को कम करने की कोशिश…

5 Min Read
ईरान के नए सुप्रीम लीडर संभाल रहे अहम फैसले: रिपोर्ट
Trending Newsवर्ल्ड

हमले में घायल, फिर भी फैसले जारी ! Mojtaba Khamenei को लेकर अंदरखाने की बड़ी रिपोर्ट

ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह…

3 Min Read
Meerut Teacher Dead Body Mystery Case
Trending Newsक्राइम

मेरठ : टीचर बेटी की लाश के साथ महीनों से था पिता, बदबू छिपाने के करता था ये काम; अन्दर का नजारा देखा तो उड़ गए पुलिस के होश

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक दिल दहला देने वाली और रहस्यमयी घटना सामने आई है। सदर बाजार…

3 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?