भारतीय रुपया आज विदेशी मुद्रा बाजार में थोड़ी राहत की सांस लेता नजर आया। पिछले कुछ सत्रों में कमजोरी झेलने के बाद आज रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर करीब 89.89 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा। यह पिछले सत्र के मुकाबले लगभग 0.24 फीसदी की बढ़त है। इसकी बड़ी वजह कमजोर होता अमेरिकी डॉलर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तरफ से किया गया सपोर्ट माना जा रहा है।
डॉलर की कमजोरी से मिला सहारा
फॉरेक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि डॉलर इंडेक्स में आई नरमी और फेडरल रिजर्व की अगली नीति पर निवेशकों की नजर ने रुपये को ताकत दी है। गौरतलब है कि हाल ही में रुपया 90 के पार चला गया था, लेकिन आज यह 90.20 पर खुलने के बाद मजबूत होकर 89.89 तक आ गया। कुछ रिपोर्ट्स में शुरुआती कारोबार में करीब 26 पैसे की तेजी भी दर्ज की गई।
एसबीआई के एक अर्थशास्त्री के मुताबिक, “यह रुपये के लिए पॉजिटिव संकेत है। वैश्विक स्तर पर डॉलर की कमजोरी और भारत की स्थिर आर्थिक स्थिति ने रुपये को सहारा दिया है।” उनका मानना है कि अगर ग्लोबल माहौल अनुकूल रहा तो आगे भी रुपये में मजबूती देखने को मिल सकती है।
घरेलू शेयर बाजार में आज भले ही मिली-जुली चाल रही हो, लेकिन विदेशी निवेशकों की गतिविधियों से रुपये को सपोर्ट मिला है। हालांकि, आयातकों की डॉलर मांग और भू-राजनीतिक तनाव आगे उतार-चढ़ाव ला सकते हैं। कुल मिलाकर, रुपये की यह मजबूती भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरी है, खासकर इंपोर्ट बिल को काबू में रखने के लिहाज से। RBI भी मुद्रा में स्थिरता बनाए रखने के लिए लगातार सक्रिय नजर आ रहा है।
अगर आप चाहें तो ऐसे फॉरेक्स ट्रेंड्स को और गहराई से समझने के लिए हाल की RBI रिपोर्ट्स, डॉलर इंडेक्स की चाल और कच्चे तेल की ताजा कीमतों पर वेब सर्च करना फायदेमंद रहेगा। इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि रुपया आगे किस दिशा में जा सकता है। बताइए, आप किस पहलू पर ज्यादा जानकारी खोजना चाहेंगे—डॉलर इंडेक्स, RBI की नीति या कच्चे तेल की कीमतें?