काराकास: वेनेजुएला की राजधानी काराकास में शनिवार तड़के कम से कम 7 जोरदार विस्फोट हुए, जिससे पूरे शहर में दहशत फैल गई। स्थानीय मीडिया और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोटों के साथ कम ऊंचाई पर उड़ते विमानों की आवाजें सुनाई दीं, और कई सैन्य ठिकानों के पास धुआं उठता देखा गया। अमेरिकी प्रशासन ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, जबकि वेनेजुएला सरकार ने इन हमलों के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। यह घटना अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के खिलाफ हाल के ड्रग तस्करी से जुड़ी कार्रवाइयों के बीच आई है, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है।
साम्राज्यवादी आक्रमण और राष्ट्रीय आपातकाल
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिका ने नागरिक और सैन्य ठिकानों पर हमला किया है, जिसे उन्होंने ‘साम्राज्यवादी आक्रमण’ करार दिया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा का अधिकार सुरक्षित रखने की बात कही और सभी रक्षा योजनाओं को सक्रिय करने का आदेश दिया। मादुरो ने कहा, “हम अपनी जनता, भूमि और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए लड़ेंगे।” सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी है, और राष्ट्रपति महल मिराफ्लोरेस के पास वाहनों की कतारें देखी गईं, जिससे उनके किसी सुरक्षित ठिकाने पर जाने की अटकलें तेज हो गईं।
लक्षित सैन्य ठिकानों पर हमले और मीडिया रिपोर्ट
प्रत्यक्षदर्शियों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार हमले मुख्य रूप से सैन्य ठिकानों पर केंद्रित थे। फोर्ट तिउना सैन्य परिसर, ला कार्लोटा एयर बेस, जनरलिसिमो फ्रांसिस्को डे मिरांडा एयरबेस और ह्यूगो चावेज की समाधि वाले क्वार्टेल डे ला मोंटाना पर धमाके हुए। इसके अलावा काराकास से 90 किमी पूर्व में हिगुएरोटे एयरपोर्ट और ला गुआइरा बंदरगाह पर भी आग और धमाकों की रिपोर्टें हैं। अमेरिकी हेलीकॉप्टर जैसे एएच-64 अपाचे और सीएच-47 चिनूक की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें जमीन पर लक्ष्यों पर गोलीबारी और रॉकेट दागते दिखाया गया। शहर में बिजली कटौती और धुएं के गुबार भी देखे गए।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय तनाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में वेनेजुएला के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है, खासकर ड्रग तस्करी और मादुरो शासन को लेकर। दिसंबर 2025 में अमेरिका ने कैरिबियन सागर में ड्रग तस्करी से जुड़े जहाजों पर हमले किए थे, जिसमें 110 से अधिक लोग मारे गए थे। अब काराकास पर हमलों को इसी अभियान का विस्तार माना जा रहा है। कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने ट्वीट किया, “अभी काराकास पर बमबारी हो रही है। लैटिन अमेरिका में अराजकता का खतरा बढ़ रहा है।” अमेरिकी रक्षा विभाग ने इसे ‘कानून प्रवर्तन अभियान’ बताया है, न कि पूर्ण युद्ध।
गौर करने वाली बात यह है कि हमलों के समय चीनी अधिकारी वेनेजुएला में मौजूद थे, और कुछ ही घंटे बाद ये धमाके हुए। इससे सवाल उठ रहे हैं कि यह सिर्फ प्रतीकात्मक शक्ति प्रदर्शन है या किसी लंबे सैन्य अभियान की शुरुआत। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ मानते हैं कि यह चीन और रूस को संदेश देने का भी तरीका हो सकता है, लेकिन अमेरिकी मंशा अभी साफ नहीं है। संयुक्त राष्ट्र ने संयम बरतने की अपील की है, और वेनेजुएला ने अमेरिका को ‘अत्यंत गंभीर’ चेतावनी दी है।