नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को बीजेपी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी की आपूर्ति को लेकर प्रशासन और सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।
राहुल गांधी ने कहा कि इंदौर में पानी नहीं, जहर बांटा जा रहा है, जबकि प्रशासन कुंभकर्ण की तरह सो रहा है। इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने लिखा, “इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा। घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं और ऊपर से बीजेपी नेताओं के अहंकारी बयान। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी; सरकार ने घमंड परोस दिया।”
उन्होंने आगे कहा,“लोगों ने बार-बार गंदे और बदबूदार पानी की शिकायत की, फिर भी सुनवाई क्यों नहीं हुई? सीवर पीने के पानी में कैसे मिला? समय रहते सप्लाई बंद क्यों नहीं की गई? जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी? ये सवाल ‘फोकट’ नहीं, जवाबदेही की मांग हैं।”
राहुल गांधी ने दो टूक कहा कि साफ पानी कोई एहसान नहीं, बल्कि जीवन का अधिकार है, और इस अधिकार की अनदेखी के लिए बीजेपी का डबल इंजन, लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह जिम्मेदार है।
दरअसल, इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में बीते दिनों पीने के पानी में सीवर का पानी मिलने की शिकायतें सामने आई थीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई दिनों तक गंदा, बदबूदार और दूषित पानी सप्लाई किया गया, जिससे बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़े। कई घरों में बच्चों और बुजुर्गों की तबीयत बिगड़ने की खबरें भी सामने आई हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने प्रशासन और नगर निगम से बार-बार शिकायत की, लेकिन समय रहते न तो पानी की सप्लाई रोकी गई और न ही वैकल्पिक व्यवस्था की गई। मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रशासन ने जांच की बात कही है, हालांकि अब तक जिम्मेदारी तय करने या ठोस कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
