उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत क्षेत्र से गुरुवार को एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई। महावतपुर बावली गांव में शादी से इनकार किए जाने से नाराज़ एक युवक ने पहले युवती की गोली मारकर हत्या कर दी और फिर खुद फांसी लगाकर जान दे दी। हैरानी की बात यह है कि इस पूरी कहानी की शुरुआत दो साल पहले एक साधारण सी मिस्ड कॉल से हुई थी, जिसका अंत खून और मौत पर जाकर हुआ।
आरोपी युवक सतनाम और युवती गुड्डन एक ही गांव के रहने वाले थे। दोनों के घरों के बीच महज 70 मीटर की दूरी थी। दो साल पहले सतनाम के फोन से गुड्डन के मोबाइल पर एक मिस्ड कॉल गई, जिसके बाद बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए। प्यार परवान चढ़ा, लेकिन परिवार और समाज की बंदिशें इस रिश्ते के आड़े आ गईं। जाति और सामाजिक दबाव के चलते दोनों परिवार इस रिश्ते के खिलाफ थे।
सतनाम का परिवार पिछले करीब 15 साल से पंजाब के जालंधर में ईंट भट्ठे पर मजदूरी करता है, जबकि गुड्डन का परिवार गांव में ही रहता था। गुड्डन सिलाई का काम करती थी और उसके पिता बड़ौत कोतवाली में चौकीदार हैं। परिवार के दबाव में गुड्डन ने कुछ समय से सतनाम से बात कम कर दी थी, जिससे दोनों के बीच तनाव बढ़ता चला गया।
घटना वाले दिन सतनाम ने गुड्डन को घर के बाहर रोका, कहासुनी हुई और गुस्से में उसने तमंचे से उसके सिर में गोली मार दी। गांव वालों ने गोली की आवाज सुनी और गुड्डन को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद सतनाम ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस जांच में साफ हुआ कि यह एकतरफा प्यार नहीं था। कॉल डिटेल से पता चला कि दोनों के बीच लंबे समय तक बातचीत होती रही थी। एक ही दिन में दो जिंदगियों का यूं खत्म हो जाना पूरे गांव को सन्न कर गया। यह घटना एक बार फिर बताती है कि प्रेम संबंधों में बढ़ता तनाव और सामाजिक दबाव किस तरह भयावह अंजाम तक पहुंच सकता है।