Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Reading: बड़े मोहरे बने छोटे दलों ने बिगाड़ा बिहार की सत्ता के पॉवर का बैलेंस! उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी पर नीतीश की नजर?
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > बड़े मोहरे बने छोटे दलों ने बिगाड़ा बिहार की सत्ता के पॉवर का बैलेंस! उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी पर नीतीश की नजर?
Trending Newsराज्य

बड़े मोहरे बने छोटे दलों ने बिगाड़ा बिहार की सत्ता के पॉवर का बैलेंस! उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी पर नीतीश की नजर?

Afifa Malik
Last updated: December 27, 2025 1:08 pm
Afifa Malik
Share
क्या बिहार में बिगड़ जाएगा सत्ता समीकरण?
क्या बिहार में बिगड़ जाएगा सत्ता समीकरण?
SHARE

बिहार की राजनीति में आज सवाल सत्ता का नहीं, सत्ता के संतुलन का है। गठबंधन के मुख्यमंत्री भले ही नीतीश कुमार हों, लेकिन गठबंधन के भीतर खींचतान साफ दिखाई दे रही है। एक तरफ बीजेपी है, जो विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद मुख्यमंत्री पद से दूर है, और दूसरी तरफ जेडीयू है, जो कुर्सी पर बैठी है लेकिन संख्या के खेल में कमजोर पड़ती दिख रही है। इसी टकराव के बीच बिहार की राजनीति में छोटे दल बड़े मोहरे बनते जा रहे हैं और यहीं से कहानी जुड़ती है उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा से।

NDA सरकार बनने के बाद यह साफ हो गया था कि सत्ता सिर्फ मुख्यमंत्री की कुर्सी तक सीमित नहीं रहेगी। गृह मंत्रालय और विधानसभा अध्यक्ष जैसे दो बेहद अहम पद बीजेपी के पास चले गए। ये वही विभाग हैं, जो लंबे समय तक जेडीयू के नियंत्रण में रहे थे। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक यहीं से जेडीयू और बीजेपी के बीच ‘पावर शेयरिंग’ को लेकर असहजता बढ़ी। जेडीयू को यह संदेश गया कि बीजेपी सिर्फ सहयोगी नहीं, बल्कि बराबरी से ऊपर की भूमिका में आना चाहती है।

इसी पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय लोक मोर्चा जैसे छोटे दलों की अहमियत अचानक बढ़ जाती है। विधानसभा में बीजेपी के पास 89 विधायक हैं, जेडीयू के पास 85। दोनों के बीच का यह मामूली अंतर भविष्य में किसी भी फ्लोर टेस्ट को बेहद संवेदनशील बना सकता है। ऐसे में हर विधायक, हर सीट और हर छोटी पार्टी सत्ता की रणनीति का हिस्सा बन जाती है।

अब आते हैं राष्ट्रीय लोक मोर्चा पर, जहां बाहर से सब कुछ सामान्य दिखाने की कोशिश हो रही है, लेकिन अंदर हलचल तेज है। शुक्रवार को सासाराम में मौजूद उपेंद्र कुशवाहा ने पार्टी में टूट की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। पत्रकारों ने उनसे सवाल किया जिस पर उन्होंने जवाब दिया कि उनकी पार्टी में किसी प्रकार की टूट का कोई सवाल ही नहीं है।

लेकिन 24 दिसंबर की रात पटना में आयोजित लिट्टी-चोखा भोज में जो कुछ हुआ उसने इस कहानी को नया मोड़ दिया। पार्टी के कुल चार विधायकों में से तीन विधायक, माधव आनंद, आलोक सिंह और रामेश्वर महतो, इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे। उसी दिन ये तीनों विधायक बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात करते नजर आए। यह मुलाकात सामान्य शिष्टाचार कही गई, लेकिन टाइमिंग और संदर्भ ने इसे राजनीतिक संकेत बना दिया।
पार्टी के भीतर असंतोष की वजह भी अब खुलकर सामने आ रही है। सूत्र बताते हैं कि उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाए जाने से कई विधायक नाराज़ हैं।

राष्ट्रीय लोक मोर्चा के पास सिर्फ चार विधायक हैं, लेकिन मौजूदा सत्ता समीकरण में यही चार विधायक बेहद कीमती हो जाते हैं। अगर इनमें से तीन भी अलग राह चुनते हैं, तो NDA के भीतर संतुलन भी बदल सकता है। इसी कड़ी में 25 दिसंबर को पार्टी के व्यवसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अनंत कुमार गुप्ता समेत आठ नेताओं का इस्तीफा देना और जेडीयू में शामिल होने का ऐलान इस बात का संकेत देता है कि संगठन स्तर पर भी सब कुछ ठीक नहीं है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी और जेडीयू दोनों की नजर भविष्य पर है। बीजेपी चाहती है कि वह सिर्फ सबसे बड़ी पार्टी न रहे, बल्कि मुख्यमंत्री पद पर भी दावा मजबूत करे। वहीं जेडीयू को डर है कि अगर संख्या का खेल बिगड़ा, तो कुर्सी खतरे में पड़ सकती है। इसी डर और रणनीति के बीच छोटे दलों में सेंध की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Bihar Assembly Politics, Bihar political news, BJP JDU Conflict, IndianPressHouse, NDA Power Struggle, Nitish Kumar Government, Political Defection Bihar, Rashtriya Lok Morcha Crisis, Upendra Kushwaha Party
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article Stranger Things 5: हॉकिन्स का 'एंडगेम' शुरू Stranger Things 5: हॉकिन्स का ‘एंडगेम’ शुरू! वेकना का कहर और विल बायर्स का मास्टरस्ट्रोक, क्या इलेवन देगी कुर्बानी?
Next Article ऑफिस रोमांस में भारत की छलांग, अंग्रेजों को पीछे छोड़ा, पुरुष सबसे आगे…

फीचर

View More

अग्निपरीक्षा ले रही मई की धूप: बांदा से लेकर दिल्ली तक हाहाकार, पर क्या आप जानते हैं भारत में कब और कहां पड़ा है गर्मी का सबसे बड़ा टॉर्चर?

नई दिल्ली/लखनऊ। मई का महीना आते ही पूरे उत्तर और मध्य भारत में सूरज के तेवर तल्ख हो गए हैं।…

By news desk 6 Min Read

भारत में 21 करोड़ लोग “HyperTension” का शिकार! 6.75 करोड़ लोग हैं बेखबर? जानिए इस ‘साइलेंट किलर’ का पूरा इतिहास

जब हम हाई ब्लड प्रेशर का नाम सुनते हैं, तो आमतौर पर…

7 Min Read

NASA वैज्ञानिक का ‘मौत’ से तीन बार साक्षात्कार: क्या मृत्यु सिर्फ एक भ्रम है? इंग्रिड होनकाला के दावों ने विज्ञान को दी चुनौती

वॉशिंगटन/बोगोटा। क्या मौत वाकई जीवन की 'पूर्णविराम' है, या फिर यह किसी…

4 Min Read

विचार

View More
भारत–पाकिस्तान क्रिकेट राइवलरी

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ : भारत–पाकिस्तान…

February 16, 2026

भाग-3 : सत्याग्रह का दार्शनिक आधार: टॉल्स्टॉय, गीता और जैन अहिंसा

वैश्विक गांधी: Mandela, King, Einstein ...गांधी…

February 5, 2026

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष : दक्षिण अफ़्रीका-अपमान, प्रतिरोध और सत्याग्रह का जन्म

1893 में जब महात्मा गांधी दक्षिण…

January 30, 2026

भाग–1 : दक्षिण अफ़्रीका से आधुनिक भारत तक… गांधी, नैतिक राजनीति और आज की प्रासंगिकता

गांधी — इतिहास नहीं, एक नैतिक…

January 28, 2026

मनोरंजन से वैचारिक हथियार तक… भारतीय सिनेमा में प्रोपेगेंडा का बदलता चेहरा

लोकतंत्र में सिनेमा कभी केवल मनोरंजन…

January 9, 2026

You Might Also Like

Trending Newsअन्य

तरबूज के छिलकों को फेंकने की बजाय ऐसे बनाएं पौधों के लिए असरदार खाद

गर्मी के मौसम में तरबूज लगभग हर घर में खाया जाता है। लोग इसका लाल और मीठा हिस्सा खाने के…

3 Min Read
Trending Newsसियासी

चुनाव हारते ही बंगाल में बिखर गई TMC? ममता बनर्जी के पहले ही प्रदर्शन में पहुंचे सिर्फ 35 विधायक, अंदरूनी कलह आई सामने

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त झेलने के बाद तृणमूल कांग्रेस TMC के लिए मुश्किलें कम होने का नाम…

3 Min Read
Trending Newsअन्य

आँखों के सामने तैरेंगे मैसेज और नोटिफिकेशन्स! Google और Samsung की इस नई एडवांस्ड AI  ग्लासेज ने टेक वर्ल्ड में मचाया तहलका!

टेक इंडस्ट्री में एक बहुत बड़ा उलटफेर हुआ है, Meta x Ray-Ban के स्मार्ट ग्लासेस के बढ़ते दबदबे को टक्कर…

5 Min Read
Trending Newsखेल

Mohammed Shami Case: चेक बाउंस मामले में क्रिकेटर मोहम्मद शमी कोर्ट से बरी, हसीन जहां के आरोपों को अदालत ने किया खारिज; जानें पूरा फैसला

कोलकाता/नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को कानून के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी और…

3 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?