नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली की हवा लगातार और ज्यादा जहरीली होती जा रही है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जिससे लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है।
सोमवार सुबह 6 बजे दिल्ली के अशोक विहार, रोहिणी, जहांगीरपुरी और वजीरपुर जैसे इलाकों में AQI का स्तर 500 तक दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। राजधानी में औसत AQI भी 460 के आसपास बताया जा रहा है, जिसे बेहद चिंताजनक माना जाता है।
दिसंबर का आधा महीना बीत चुका है और जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही है, उसी रफ्तार से वायु प्रदूषण भी गंभीर होता जा रहा है। दिल्ली पर स्मॉग की मोटी चादर छाई हुई है, जिससे दृश्यता घटकर 3 मीटर से भी कम हो गई है। इसका सीधा असर सड़क यातायात पर पड़ रहा है और वाहन चालकों को बेहद सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर यही हालात बने रहे तो बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए स्थिति और ज्यादा खतरनाक हो सकती है। प्रशासन की ओर से लोगों को अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है।
दिल्ली की स्थिति इस समय किसी ‘गैस चैंबर’ से कम नहीं नजर आ रही है। हवा की रफ्तार बेहद कम होने के कारण प्रदूषण लगातार जमा हो रहा है और कई इलाकों में AQI खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अशोक विहार, रोहिणी, जहांगीरपुरी और वजीरपुर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 500 तक दर्ज किया गया है।
हालात इतने खराब हैं कि राजधानी के लगभग सभी इलाकों में AQI 400 के पार पहुंच चुका है। यह ऐसी स्थिति है, जिसमें लोग घरों के अंदर भी जहरीली हवा के संपर्क में आ रहे हैं। सोमवार सुबह 6 बजे दर्ज आंकड़ों के मुताबिक आनंद विहार में AQI 493, नेहरू नगर 489, ओखला 483, आरके पुरम 483 और विवेक विहार में 493 रिकॉर्ड किया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्तर का प्रदूषण बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक है और स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो स्वास्थ्य जोखिम और बढ़ सकते हैं।