जब भी हम स्टाइल्स की बात करते है तो हमारे मन में सबसे पहले आता है ड्रेसिंग सेंस को लेकर कई बाते, तो बंद कर दें वो टाइट जींस और हील्स पहनना! अगर आप जानना चाहते हैं कि आजकल की युवा पीढ़ी क्या पहन रही है, तो जवाब सिर्फ एक है: जो अच्छा लगे वो पहनो!
Gen Z ने फैशन वर्ल्ड में एक लेवल-अप कर दिया है। इनके लिए कपड़े सिर्फ ‘फ़िट्स’ नहीं हैं, ये ‘फ़्रीडम स्टेटमेंट’ हैं। पुराने रूलबुक को कर दिया है स्किप! आज के फैशन का ट्रिपल थ्रेट है|
- Comfort: नो मोर तंग कपड़े|
- Bold Individuality: अपनी पहचान, अपना स्टाइल|
- Sustainability: एनवायरमेंट को इग्नोर करना, अब ‘कैंसिल’ है| क्युकी Gen Z फैशन को एक्सपेरिमेंट मानता है, न कि कोई रूल|

कंफर्ट है नया किंग,
Gen Z के वॉर्डरोब को देखिए, तो पाएंगे कि ‘फैशनेबल’ होने की डेफिनेसन अब बदल गई है। ढीले-ढाले जिन्हें हम ओवरसाइज्ड कपड़े भी कहते है, जैसे कि बड़ी हुडी, बैगी जींस और जॉगर्स, अब केवल वीकेंड के लिए नहीं हैं. वो सब अब ‘ऑफिस’ से लेकर ‘पार्टी’ तक, हर जगह के स्टार हैं। टाइट फिटिंग वाले पुराने कपड़े अब आउट हैं, क्योंकि Gen Z को उनमें ज़रा भी आराम नहीं मिलता।

भीड़ का हिस्सा बनना नहीं, बल्कि अलग दिखना इनका जुनून है। ग्राफ़िक टीज़ जो उनकी vibe दिखाती हैं, और यूनिक सेकेंड-हैंड विंटेज पीसेज़ जो कहते हैं ‘this is so me’,यही है इनकी असली स्टाइल। Gen Z ट्रेंड फॉलो नहीं करता, वो अपनी खुद की aesthetic क्रिएट करते है.
Y2K और ’90s का नॉस्टैल्जिक स्वैग
Gen Z पस्त के ड्रेसिंग को सिर्फ याद नहीं करते बल्कि उसके साथ रीमिक्स ट्रेंड ट्राय है। ‘90s के रफ लुक और Y2K की ग्लैम वाइब्स को उठाकर ये जेनरेशन उन्हें अपने ही सुपर-कूल, मॉडर्न स्टाइल में री-डिफाइन कर रही है।
लो-राइज़ जींस, क्रॉप टॉप्स और ओवर-साइज़्ड चंकी स्नीकर्स फिर से गेम में हैं। ये नॉस्टैल्जिया सिर्फ फैशन नहीं है बल्कि एक प्लेफुल, आइकॉनिक थ्रोबैक मूव है।
कम्फर्ट और यूनिसेक्स स्टाइल का पूरा बोलबाला है। Gen Z का क्लियर मैसेज है की कपड़े जेंडर नहीं, बस पर्सनैलिटी और कम्फर्ट को डिफाइन करते है|
Gen Z केवल अच्छे कपड़े नहीं पहनते, वो सही कपड़े पहनना चाहते हैं। यानि सेकेंड-हैंड या विंटेज स्टोर पर जाना इनके लिए सिर्फ बचत करना नहीं है; ये इनका एनवायरमेंट बचाओ अभियान है। इनका मानन है कि एक पुराना स्वेटर पहनना, हज़ारों नए, फैक्ट्री मेड कपड़ों से कहीं ज़्यादा ‘स्टेटस सिंबल’ देता है।
वे उन ब्रांडों को ज्यादा प्रायोरिटी देते हैं जो सस्टेनेबिलिटी और ट्रांसपेरेंसी को वैल्यू देते हैं| GenZ के लिए फैशन अब सिर्फ स्टाइल नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार चॉइस बन चुका है|

Gen Z की वॉर्डरोब: स्टाइल्स जो आग लगा दें!
Gen Z का फैशन गेम तीन चीज़ों पर ऑन-पॉइंट है। जिनमे शामिल है टॉप्स में, ‘ग्राफ़िक टीज़’ और ‘ओवरसाइज़्ड हुडीज़’ सबसे ज़्यादा इन हैं| उनका कहना है की ये उन्हें क्योंकि ये मैक्स लेवल कम्फर्ट देते हैं और अपनी वाइब एक्सप्रेस करने का बेस्ट वे भी इसे मानते है हैं।
बॉटम्स में, ‘बैगी कार्गो’ और ‘वाइड-लेग जींस’ का मेजर चिल सीन है, जो ’90s का रेट्रो स्वैग और आज का सुपर कम्फर्ट एक साथ देते हैं। और जूतों के लिए? ‘चंकी स्नीकर्स’ और ‘प्लेटफॉर्म लोफर्स’ ही किंग हैं, जो इनकी स्टाइल को स्टेबिलिटी के साथ कूल रखते हैं।
Gen Z सिर्फ़ ‘फ़िट्स’ नहीं बदल रहे है, वो पूरा ‘फ़ैशन गेम’ ही रीसेट कर रहे हैं। कम्फर्ट, अपनी वाइब, और सस्टेनेबिलिटी को मिलाकर, इन्होंने प्रूव कर दिया है कि असली स्टाइल वही है जो ‘रियल’ हो। अब ‘ट्रेंड्स’ नहीं, बल्कि ‘वैल्यूज़’ ही फ़ैशन की करेंसी हैं। तो अगली बार जब आप किसी को बैगी जींस और हुडी में देखें, तो समझ जाईएगा की ये बस महज़ एक आउटफिट नहीं है, बल्कि ये एक ‘मेजर फ़ैशन रेवोल्यूशन’ है|