नई दिल्ली, 16 अप्रैल 2026: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ी हलचल तेज हो गई है। कर्मचारी संगठनों की शीर्ष संस्था NC-JCM (National Council Joint Consultative Machinery) ने आयोग को 51 पन्नों का विस्तृत मेमोरेंडम सौंप दिया है। इसमें सबसे बड़ी मांग न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 से बढ़ाकर ₹69,000 करने और 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की है। अगर यह मांग मान ली जाती है तो लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की आय में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 है। 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर यह बढ़कर करीब ₹69,000 पहुंच सकता है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि पिछले 10 साल में महंगाई, खाद्य पदार्थों की कीमतें, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास खर्च काफी बढ़ चुके हैं, इसलिए मौजूदा वेतन ढांचा अब वास्तविक जरूरतों के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। इसी वजह से annual increment 3% से बढ़ाकर 6% करने और HRA का न्यूनतम स्लैब 30% तक बढ़ाने की भी मांग की गई है।
कर्मचारियों की 5 बड़ी मांगें, OPS बहाली भी शामिल
NC-JCM के मेमोरेंडम में सिर्फ बेसिक पे ही नहीं, बल्कि कई और अहम मांगें शामिल हैं। इनमें पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, सेवा के दौरान कम से कम 5 प्रमोशन, प्रमोशन पर दो अतिरिक्त इंक्रीमेंट, और मौजूदा 18 वेतन स्तरों को घटाकर 7 करने का प्रस्ताव भी है। कर्मचारी संगठनों ने साफ कहा है कि सभी संशोधन 1 जनवरी 2026 से लागू किए जाएं, ताकि देरी की वजह से कर्मचारियों को नुकसान न हो।
पेंशनभोगियों के लिए भी अच्छी खबर हो सकती है, क्योंकि मेमोरेंडम में पेंशन को अंतिम वेतन का 67% और फैमिली पेंशन 50% करने की सिफारिश की गई है। अगर ऐसा होता है तो रिटायर्ड कर्मचारियों की मासिक आय में भी बड़ा सुधार आएगा।
अब आगे क्या? लाखों कर्मचारियों की नजर सरकार के फैसले पर
8वां वेतन आयोग फिलहाल विभिन्न कर्मचारी संगठनों और पेंशनर समूहों से सुझाव ले रहा है। अप्रैल-मई 2026 में दिल्ली, पुणे, देहरादून समेत कई शहरों में और बैठकें होंगी। आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट मई 2027 तक सरकार को सौंपनी है, जिसके बाद केंद्र सरकार अंतिम फैसला लेगी।
अगर इन मांगों का बड़ा हिस्सा स्वीकार होता है तो 50 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और 60 लाख के करीब पेंशनर्स पर इसका सीधा असर पड़ेगा। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि 3.83 फिटमेंट फैक्टर एक “मांग” है, अंतिम मंजूरी सरकार की वित्तीय स्थिति और आयोग की सिफारिशों पर निर्भर करेगी।
कुल मिलाकर, 8वें वेतन आयोग को लेकर इस बार कर्मचारियों की उम्मीदें काफी बड़ी हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार ₹69,000 बेसिक पे और OPS जैसे बड़े मुद्दों पर कितना सकारात्मक रुख दिखाती है।