बोगोटा: पश्चिमी कोलंबिया में सोमवार को आए 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने कोलंबिया के साथ पड़ोसी इक्वाडोर को भी हिला दिया। तेज झटके महसूस होते ही लोग घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। अधिकारियों के मुताबिक भूकंप के कारण कई इमारतें गिरने की घटनाएं सामने आई हैं और मलबे में लोगों के दबे होने की सूचना है। अब तक 79 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है।
यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे और कोलंबिया की संबंधित एजेंसी ने भूकंप की तीव्रता 7.4 दर्ज की है। दोनों एजेंसियों के अनुसार भूकंप का केंद्र काफी गहराई में था। इसका केंद्र सैन होजे डेल पाल्मार में बताया गया है, जो राजधानी बोगोटा से करीब 400 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है।
भूकंप के झटके महसूस होते ही कई इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। लोग घबराकर घरों और दूसरी इमारतों से बाहर निकल आए। कई जगहों पर इमारतों के क्षतिग्रस्त होने और गिरने की खबरें सामने आई हैं।
भूकंप के बाद अधिकारियों ने कई इलाकों में नुकसान का जायजा लेना शुरू किया। कुछ इमारतों के ढहने के कारण लोगों के मलबे में फंसे होने की सूचना है। अब तक 79 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। प्रभावित क्षेत्रों में बचाव दल लगातार राहत और रेस्क्यू अभियान चला रहे हैं।
कोलंबिया में इससे पहले भी बड़े भूकंप भारी तबाही मचा चुके हैं। 1999 में अर्मेनिया शहर के पास आए 6.2 तीव्रता के भूकंप में 1,100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
कोलंबिया के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में छोटे भूकंप आते रहते हैं, जिन्हें स्थानीय तौर पर “टेम्ब्लोरेस” कहा जाता है। हालांकि 6.0 से अधिक तीव्रता वाले भूकंप अपेक्षाकृत कम आते हैं।
कोलंबिया के नए राष्ट्रपति एबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला ने कहा कि सैन होजे डेल पाल्मार में आपात स्थिति से निपटने के लिए सरकार की कार्रवाई की कमान उन्होंने खुद संभाल ली है। उन्होंने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि सरकार उनके साथ है और राहत कार्य किए जा रहे हैं।
भूकंप की तीव्रता आमतौर पर रिक्टर स्केल पर बताई जाती है। 4 से 4.9 तीव्रता के झटकों में घरों में रखा सामान गिर सकता है। 5 से 5.9 तीव्रता पर भारी सामान और फर्नीचर हिल सकता है। 6 से 6.9 तीव्रता में इमारतों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। 7 से 7.9 तीव्रता वाले भूकंप में बड़ी इमारतों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है और उनके गिरने का खतरा रहता है। 8 से 8.9 तीव्रता पर व्यापक तबाही और सुनामी का खतरा हो सकता है, जबकि 9 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप बेहद विनाशकारी माना जाता है।
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