हाल ही में खोजे गए इंटरस्टेलर ऑब्जेक्ट 3I/ATLAS को लेकर दुनियाभर में वैज्ञानिकों के बीच जबरदस्त चर्चा है. ये आखिर है क्या, कहां से आया और क्या सच में इसमें एलियंस का हाथ हो सकता है? चलिए जानते हैं सारे जवाब, आसान भाषा में —
❓प्रश्न 1: 3I/ATLAS आखिर है क्या?
उत्तर: 3I/ATLAS हमारे सौरमंडल में प्रवेश करने वाला तीसरा इंटरस्टेलर ऑब्जेक्ट है — यानी ऐसा खगोलीय पिंड जो किसी और तारे के सिस्टम से निकला है. इससे पहले ‘ओउमुआमुआ’ (2017) और ‘बोरिसोव’ (2019) देखे गए थे. 1 जुलाई 2025 को खोजा गया यह लगभग 1 किलोमीटर लंबा (लगभग मैनहटन के आकार का) पिंड है, जो 26 km/s की रफ्तार से हमारे सौरमंडल से गुजर रहा है. इसे शुरुआत में एक धूमकेतु (Comet) माना गया क्योंकि इससे गैस और धूल निकलती दिखी थी.
❓प्रश्न 2: सूरज के पास आने के बाद इसकी पूंछ गायब क्यों हो गई?
उत्तर: 30 अक्टूबर 2025 को जब यह सूर्य के सबसे पास पहुंचा, तो इसकी पूंछ अचानक गायब हो गई — जो किसी कॉमेट के लिए अजीब बात है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ऐसा या तो देखने के कोण (Viewing Angle) की वजह से हुआ, या फिर सतह पर बने कठोर परत ने गैस को निकलने से रोका. आने वाले हफ्तों में नई तस्वीरें इस रहस्य को साफ करेंगी.
❓प्रश्न 3: क्या यह एलियन स्पेसशिप हो सकता है?
उत्तर: हार्वर्ड के प्रोफेसर एवी लोएब ने यह दावा किया कि 3I/ATLAS के कुछ व्यवहार “नेचुरल नहीं बल्कि इंजीनियर्ड” लगते हैं. लेकिन ज्यादातर वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसा रासायनिक कारणों या देखने के कोण के चलते हो सकता है. फिलहाल कोई सबूत नहीं है कि यह कृत्रिम (Artificial) ऑब्जेक्ट है.
❓प्रश्न 4: यह हरा क्यों चमकता है?
उत्तर: 3I/ATLAS का हरा रंग डायएटॉमिक कार्बन (C₂) की वजह से है, जो सूरज की रोशनी से एक्साइट होकर चमकता है. ऐसा रंग कई धूमकेतुओं में आम होता है. इसकी ब्राइटनेस उम्मीद से 5 गुना बढ़ी है, लेकिन इसका रंग नहीं बदला — कुछ तस्वीरों में जो “कलर शिफ्ट” दिखा, वह कैमरा फिल्टर की वजह से था.
❓प्रश्न 5: क्या यह पृथ्वी की तरफ आ रहा है?
उत्तर: नहीं! बिल्कुल नहीं. यह पृथ्वी से करीब 2.23 AU (33 करोड़ किमी) दूर गुजर रहा है और अब ज्यूपिटर की तरफ बढ़ रहा है. 16 मार्च 2026 को यह बृहस्पति के सबसे करीब होगा और 2027 तक सौरमंडल से बाहर निकल जाएगा.
❓प्रश्न 6: क्या मैं इसे खुद देख सकता हूं?
उत्तर: हां! यह 9 नवंबर के बाद सूर्य के पीछे से उभर रहा है. 11 नवंबर से आप इसे सुबह सूर्योदय से करीब 1 घंटा पहले पूर्व दिशा (Virgo तारामंडल) में देख सकते हैं. इसके लिए आपको 4–6 इंच टेलीस्कोप की जरूरत होगी. यह सितंबर 2026 तक दिखाई देगा.
❓प्रश्न 7: क्या पिरामिड जैसी जेट लाइनें सच में मौजूद हैं?
उत्तर: हाल की इमेजिंग में सात जेट्स दिखे, जिनका कोण गीज़ा पिरामिड्स के एलाइनमेंट से मिलता-जुलता है. हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिर्फ एक संयोग (Coincidence) है, कोई रहस्यमयी संबंध नहीं.
❓प्रश्न 8: अब आगे क्या होगा?
उत्तर: NASA और ESA इस ऑब्जेक्ट पर लगातार नजर रखे हुए हैं. आने वाले महीनों में इसके ज्यूपिटर फ्लाईबाय के दौरान Juno मिशन और Mars Orbiter से डेटा इकट्ठा किया जाएगा. अगर तब भी इसकी पूंछ नहीं बनती, तो “एक्सोटिक ऑब्जेक्ट” (असामान्य पिंड) होने की संभावना बढ़ जाएगी.
3I/ATLAS एक ऐसा इंटरस्टेलर विज़िटर है जो हमारे सौरमंडल के रहस्यों को और गहराई से समझने का मौका दे रहा है. क्या यह सिर्फ एक अजीब धूमकेतु है, या कुछ और? आने वाले महीनों में जवाब साफ होंगे.