मुंबई: महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पिछले तीन दिनों में भूस्खलन, डूबने, करंट लगने और अन्य बारिश से जुड़े हादसों में 29 लोगों की जान चली गई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। साथ ही सभी संबंधित विभागों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
भूस्खलन में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत
पुणे जिले की मावल तहसील के पाटण गांव में सोमवार सुबह भारी बारिश के कारण पहाड़ी का बड़ा हिस्सा एक मकान पर आ गिरा। इस हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्य मलबे में दब गए और उनकी मौत हो गई। वहीं खेड तहसील में तेज बहाव में एक दोपहिया वाहन सवार बह गया, जबकि निगड़ी इलाके में बाउंड्री वॉल गिरने से एक श्रमिक की जान चली गई।
डूबने और करंट लगने से भी गईं जानें
भिवंडी में तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई, जबकि अहिल्यानगर में करंट लगने से एक बच्ची की जान चली गई। मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे, पालघर, पुणे और आसपास के इलाकों में बारिश से जुड़े विभिन्न हादसों में अब तक 29 लोगों की मौत हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हालात की समीक्षा के बाद मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि अरब सागर में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण नासिक और त्र्यंबकेश्वर में 8 जुलाई तक बादल फटने जैसी स्थिति बनने की आशंका है।
मुंबई समेत कई जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने मुंबई सहित कई तटीय जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है। लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
सड़क और रेल यातायात पर पड़ा असर
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और कई रेलवे ट्रैक प्रभावित हुए हैं। मध्य रेलवे को कई ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं। रायगढ़ के सुकेली खिंड में हाईवे पर पानी भरने से मुंबई-गोवा मार्ग भी बाधित हो गया। ठाणे जिले में उल्हास नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिसके चलते 200 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। हालांकि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के ‘मिसिंग लिंक’ खंड पर मुंबई की ओर जाने वाला मार्ग बाद में यातायात के लिए खोल दिया गया।
बारिश के चलते विधानसभा का कामकाज भी प्रभावित
भारी बारिश का असर महाराष्ट्र विधानसभा की कार्यवाही पर भी पड़ा। पर्याप्त संख्या में विधायक सदन नहीं पहुंच सके, जिसके कारण 6 जुलाई को पूरे दिन के लिए विधानसभा का कामकाज स्थगित करना पड़ा। बताया जा रहा है कि राज्य के 65 वर्षों के संसदीय इतिहास में यह तीसरा मौका है, जब 6 जुलाई को पूरे दिन की कार्यवाही बाधित रही।
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने बारिश से हुई मौतों को प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग करते हुए सरकार पर आपदा प्रबंधन में विफल रहने का आरोप लगाया।