आजकल बाजार में “Healthy”, “100% Natural”, “Sugar Free” और “High Protein” जैसे बड़े-बड़े दावों वाले पैकेट फूड की भरमार है। लेकिन ऐसे कई उत्पादों के दावों पर अब सवाल उठने लगे हैं। देश की खाद्य सुरक्षा नियामक संस्था FSSAI ने साफ किया है कि किसी भी खाद्य उत्पाद पर किए जाने वाले स्वास्थ्य संबंधी दावे वैज्ञानिक तथ्यों और निर्धारित नियमों के अनुरूप होने चाहिए।
जानकारी के मुताबिक, कुछ कंपनियां अपने उत्पादों की पैकेजिंग और विज्ञापनों में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर रही हैं, जिनसे उपभोक्ताओं को यह लगता है कि उत्पाद पूरी तरह से स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। जबकि वास्तविकता में कई मामलों में उत्पादों में चीनी, नमक या वसा की मात्रा अधिक हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आकर्षक पैकेजिंग और बड़े-बड़े हेल्थ क्लेम के कारण लोग बिना न्यूट्रिशन लेबल पढ़े ही उत्पाद खरीद लेते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को केवल पैकेट पर लिखे दावों पर भरोसा करने के बजाय Ingredients List, Nutrition Facts और Added Sugar जैसी जानकारियों को भी ध्यान से पढ़ना चाहिए।
FSSAI का उद्देश्य कंपनियों को पारदर्शी और नियमों के अनुरूप जानकारी देने के लिए प्रेरित करना है, ताकि उपभोक्ताओं को सही जानकारी मिल सके और वे सोच-समझकर खाद्य उत्पादों का चयन कर सकें।
एक्सपर्ट्स का कहना है की स्वस्थ रहने के लिए केवल विज्ञापनों या पैकेजिंग पर लिखे दावों पर भरोसा करना पर्याप्त नहीं है। जागरूक उपभोक्ता बनकर सही जानकारी के आधार पर ही खाद्य उत्पादों का चयन करना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
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