मेक्सिको के सबसे खूंखार और दुनिया के सबसे वांछित ड्रग माफिया, नेमेसियो ओसेगुएरा सर्वेंट्स उर्फ ‘एल मेंचो’, के एक सैन्य कार्रवाई में मारे जाने के बाद पूरे मेक्सिको में युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई है। ‘जालिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल’ (CJNG) के इस सरगना की मौत की पुष्टि के बाद उसके समर्थकों ने देश के कई राज्यों में आगजनी और गोलीबारी शुरू कर दी है।
कैसे हुआ एल मेंचो का अंत?
22 फरवरी को मेक्सिको की स्पेशल फोर्सेज ने जालिस्को राज्य के तपालपा शहर में एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की। इस ऑपरेशन के दौरान कार्टेल के लड़ाकों और सेना के बीच भारी गोलीबारी हुई। सेना ने आधुनिक हथियारों और हेलीकॉप्टरों का उपयोग किया। गोलाबारी में एल मेंचो गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे मेक्सिको सिटी के सैन्य अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई। सेना ने घटनास्थल से भारी मात्रा में रॉकेट लॉन्चर, बख्तरबंद गाड़ियाँ और अत्याधुनिक राइफलें जब्त की हैं।

शहरों में आगजनी और दहशत
अपने आका की मौत की खबर मिलते ही CJNG कार्टेल के बंदूकधारियों ने मेक्सिको के 12 से अधिक राज्यों में तबाही मचाना शुरू कर दिया:

उपद्रवियों ने बसों और ट्रकों को छीनकर उन्हें आग लगा दी और मुख्य राजमार्गों (Highways) को अवरुद्ध कर दिया। ग्वाडलजारा और प्यूर्टो वालार्टा जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानों को रद्द कर दिया गया है। यात्रियों के बीच भगदड़ और दहशत का माहौल देखा गया। जालिस्को के गवर्नर ने बचाव के तौर पर स्कूलों को बंद रखने और नागरिकों को घरों में रहने का आदेश दिया है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और भारत की एडवाइजरी
अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने इसे ड्रग तस्करी के खिलाफ एक ऐतिहासिक जीत बताया है। ज्ञात हो कि अमेरिका ने एल मेंचो पर 15 मिलियन डॉलर का इनाम रखा था।