रैपर से राजनेता बने Balendra Shah अब नेपाल के प्रधानमंत्री बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। उनकी पार्टी Rastriya Swatantra Party ने हालिया चुनाव में सभी को चौंकाते हुए 129 में से 100 सीटों पर जीत दर्ज की है। इस बड़ी जीत के साथ पार्टी ने नेपाल की पारंपरिक और पुरानी राजनीतिक पार्टियों को करारी शिकस्त दी है।
हिप-हॉप कलाकार के रूप में पहचान बनाने वाले बालेन शाह सोशल मीडिया खासकर Instagram और YouTube—के जरिए नेपाल के युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हो गए। इसी लोकप्रियता ने उन्हें रैपर से नेता तक के सफर में नई पहचान दिलाई और अब वे नेपाल की राजनीति में सबसे चर्चित चेहरों में शामिल हो चुके हैं।
18 जनवरी 2026 को Balendra Shah औपचारिक रूप से Rastriya Swatantra Party (आरएसपी) में शामिल हो गए। इसके अगले ही दिन उन्होंने Janakpur से अपना चुनाव प्रचार अभियान शुरू किया।
बालेन ने Jhapa District की झापा-05 सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया, जिसे पूर्व प्रधानमंत्री K. P. Sharma Oli का मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बालेन शाह की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता ने इस क्षेत्र में ओली के दशकों पुराने राजनीतिक दबदबे को कड़ी चुनौती दे दी है।
नेपाल की राजनीति में तेजी से उभरे Balendra Shah के गीतों में हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ सुनाई देती रही है। साल 2022 में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर Kathmandu के मेयर चुनाव में जीत दर्ज कर सबको चौंका दिया था। भले ही यह स्थानीय चुनाव था, लेकिन इसे पारंपरिक राजनीति के खिलाफ जनता के असंतोष और व्यवस्था विरोधी वोट के रूप में देखा गया।
इसके बाद 2025 में नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ उठे Gen-Z युवाओं के आंदोलन ने बालेन शाह के लिए राष्ट्रीय राजनीति का रास्ता और साफ कर दिया। कम समय में ही वे एक परिपक्व नेता के तौर पर उभरे और उनकी राजनीतिक रणनीति भी बेहद सधी हुई नजर आई।
अंतरिम सरकार की अगुवाई करने के बजाय उन्होंने चुनाव का इंतजार करना बेहतर समझा। बाद में वे पूर्व प्रधानमंत्री K. P. Sharma Oli के खिलाफ मैदान में उतरे। चुनाव प्रचार के दौरान पूरे नेपाल में चली “बालेन वेव” ने कई दिग्गज नेताओं की राजनीतिक जमीन हिला दी। नतीजतन उनकी पार्टी Rastriya Swatantra Party बड़ी जीत की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है।
नेपाल के चुनाव और बनने वाली नई सरकार को लेकर भारत में भी स्वाभाविक उत्सुकता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि बालेन शाह की भारत-नेपाल संबंधों को लेकर अब तक कैसी सोच रही है और सत्ता में आने पर उनकी विदेश नीति किस दिशा में जा सकती है?