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अमरनाथ गुफा का रहस्य सबसे पहले किसने खोजा था? महर्षि भृगु से लेकर बूटा मलिक तक, जानिए क्या कहती हैं धार्मिक मान्यताएं

जम्मू: पवित्र अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है और यह 28 अगस्त तक चलेगी। समुद्र तल से करीब 3,978 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा हिंदू धर्म के प्रमुख तीर्थस्थलों में गिनी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी गुफा में भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य सुनाया था। लेकिन सवाल यह भी उठता है कि इस पवित्र गुफा के दर्शन सबसे पहले किसे हुए थे। इस संबंध में धार्मिक ग्रंथों और लोकमान्यताओं में अलग-अलग कथाएं प्रचलित हैं।

महर्षि भृगु को सबसे पहले हुए थे दर्शन

धार्मिक ग्रंथों में वर्णित मान्यताओं के अनुसार अमरनाथ गुफा के सबसे पहले दर्शन महर्षि भृगु को हुए थे। भृगु संहिता में इसका उल्लेख मिलता है। कथा के अनुसार एक समय पूरी कश्मीर घाटी जलमग्न हो गई थी। बाद में महर्षि कश्यप ने नदियों और जलमार्गों के माध्यम से घाटी का पानी बाहर निकाला।

इसी दौरान महर्षि भृगु हिमालय में तपस्या के लिए उपयुक्त स्थान की खोज कर रहे थे। तभी उन्हें अमरनाथ की पवित्र गुफा दिखाई दी, जहां उन्होंने प्राकृतिक हिम शिवलिंग के दर्शन किए। इसी कारण धार्मिक मान्यता में महर्षि भृगु को अमरनाथ गुफा का प्रथम दर्शन करने वाला ऋषि माना जाता है।

बूटा मलिक की कथा भी है बेहद प्रसिद्ध

अमरनाथ गुफा से जुड़ी एक अन्य प्रसिद्ध लोककथा चरवाहे बूटा मलिक की है। मान्यता के अनुसार करीब 15वीं शताब्दी में बूटा मलिक नाम का एक चरवाहा पहाड़ों में भेड़ें चरा रहा था। इसी दौरान उसकी मुलाकात एक संत से हुई, जिन्होंने उसे कोयले से भरा एक थैला दिया।

जब बूटा मलिक घर पहुंचा तो उसने देखा कि थैले में रखे कोयले सोने के सिक्कों में बदल चुके हैं। यह देखकर वह संत को ढूंढने वापस उसी स्थान पर पहुंचा, लेकिन वहां संत नहीं मिले। उनकी तलाश के दौरान उसे एक गुफा दिखाई दी, जहां प्राकृतिक बर्फ का शिवलिंग विराजमान था।

यहीं से शुरू होने की मानी जाती है यात्रा की परंपरा

लोकमान्यताओं के अनुसार बूटा मलिक द्वारा गुफा के दर्शन के बाद ही अमरनाथ यात्रा की परंपरा व्यापक रूप से शुरू हुई। हालांकि धार्मिक ग्रंथों में महर्षि भृगु को प्रथम दर्शन करने वाला बताया गया है, जबकि बूटा मलिक की कथा लोकपरंपराओं में अधिक प्रचलित है। दोनों कथाएं धार्मिक आस्था और मान्यताओं पर आधारित हैं।

मोक्षदायक मानी जाती है अमरनाथ यात्रा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धा और विधि-विधान से अमरनाथ यात्रा पूरी कर बाबा बर्फानी के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। भृगु संहिता, नीलमत पुराण और अन्य धार्मिक ग्रंथों में भी इस यात्रा के महत्व का उल्लेख मिलता है। मान्यता है कि इस पवित्र तीर्थ के दर्शन से मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।

 

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