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रोज इस्तेमाल होने वाला तकिया कब बन जाता है बीमारी की वजह? एक्सपर्ट्स ने बताए चौंकाने वाले कारण

अच्छी नींद सिर्फ शरीर को आराम देने के लिए नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और रोजमर्रा की ऊर्जा बनाए रखने के लिए भी बेहद जरूरी होती है। अक्सर लोग बेहतर नींद के लिए समय पर सोने और स्क्रीन टाइम कम करने पर ध्यान देते हैं, लेकिन जिस चीज़ का सीधा असर नींद की ज़रुरत पर पड़ता है, वह है तकिया। सही तकिया सिर, गर्दन और रीढ़ को संतुलित सहारा देता है, जबकि पुराना या खराब तकिया नींद में बाधा बन सकता है।

पुराना तकिया कैसे बन सकता है परेशानी की वजह?

हम रोज़ाना कई घंटे तक सिर को तकिए पर टिकाकर सोते हैं, इसलिए उसका साफ और सही हालत में होना बहुत जरूरी है। लंबे समय तक एक ही तकिए का इस्तेमाल करने से उसमें धूल, पसीना, त्वचा के कण और नमी जमा होने लगती है। इससे एलर्जी, त्वचा पर रैशेज, आंखों में जलन या सांस से जुड़ी परेशानी हो सकती है। यही वजह है कि एक्सपर्ट समय-समय पर तकिया बदलने की सलाह देते हैं।

कितने समय में बदल देना चाहिए तकिया?

एक्सपर्ट्स के अनुसार, सामान्य तौर पर तकिया हर 1 से 2 साल में बदल देना चाहिए। हालांकि इसकी अवधि तकिए के मटेरियल और इस्तेमाल के तरीके पर भी निर्भर करती है। अगर तकिया दब गया हो, उसमें गांठें पड़ गई हों या उसका आकार बिगड़ गया हो, तो यह संकेत है कि अब उसे बदल देना चाहिए।

ये संकेत बताते हैं कि तकिया अब सही नहीं है

सुबह उठने के बाद गर्दन में अकड़न, कंधों में दर्द या सिर को आरामदायक स्थिति न मिलना भी इस बात का संकेत हो सकता है कि तकिया सही सपोर्ट नहीं दे रहा। समय के साथ तकिया अपनी लचक खो देता है और सिर तथा गर्दन को संतुलित सहारा देने में कमजोर पड़ जाता है। इसका असर रीढ़ की सीध पर भी पड़ सकता है, जिससे मांसपेशियों में खिंचाव बढ़ता है।

किस मटेरियल का तकिया कितने समय तक चलता है?

अलग-अलग मटेरियल वाले तकियों की उम्र भी अलग होती है। पॉलिएस्टर वाले तकिए आमतौर पर करीब एक साल तक ठीक रहते हैं, जबकि लेटेक्स या बेहतर क्वालिटी फोम से बने तकिए दो से तीन साल तक चल सकते हैं। अच्छी क्वालिटी का मटेरियल लंबे समय तक आकार बनाए रखता है और सपोर्ट भी बेहतर देता है।

साफ-सफाई भी उतनी ही जरूरी

तकिए की सफाई भी उतनी ही जरूरी है जितना उसे समय पर बदलना। तकिए का कवर हर बार चादर बदलते समय धोना चाहिए। कई तकिए मशीन में धोए जा सकते हैं, जिससे उनमें जमा गंदगी और एलर्जन कम होते हैं। साफ और सही तकिया न केवल नींद बेहतर करता है, बल्कि गर्दन और त्वचा से जुड़ी समस्याओं से भी बचाता है।

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