नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मानसून का प्रकोप लगातार जारी है। गुजरात, असम, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में भारी बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को देश के 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में बाढ़, जलभराव और भूस्खलन से हालात गंभीर बने हुए हैं, जबकि राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और उत्तराखंड में भी तेज बारिश का अनुमान जताया गया है।
पूर्वोत्तर भारत में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
जम्मू-कश्मीर में लगातार हुई बारिश और फ्लैश फ्लड के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। डोडा जिले में चिनाब नदी उफान पर है, जिससे कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं। स्थानीय लोग सुरक्षित स्थानों पर बसाने की मांग कर रहे हैं।
बनिहाल के रामसू ब्लॉक के गंगरू इलाके में भारी भूस्खलन के बाद जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया। प्रशासन मलबा हटाकर यातायात बहाल करने में जुटा है। मौसम साफ होने के बावजूद नदियां और बांध अब भी लबालब भरे हुए हैं।
पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश का असर उत्तर प्रदेश में भी साफ दिखाई दे रहा है। गंगा, यमुना समेत 10 नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जबकि घाघरा, शारदा समेत चार नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
बलिया में घाघरा नदी के कटान से एक मकान देखते ही देखते नदी में समा गया। वहीं बाराबंकी, सीतापुर, पीलीभीत और बहराइच में सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। बाराबंकी में शारदा और गिरजा बैराज से 2 लाख 44 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद जलस्तर और बढ़ गया है।
गुजरात में लगातार हो रही बारिश से कई शहरों और ग्रामीण इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं। अहमदाबाद में हुई भारी बारिश ने पिछले 20 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। शहर के कई हिस्सों में जलभराव के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
अहमदाबाद-राजकोट हाईवे पर दो से ढाई फीट तक पानी भरने से यातायात धीमा पड़ गया। गैलॉप्स इंडस्ट्रियल पार्क में फंसे 900 से अधिक मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, कोस्ट गार्ड और सेना की मदद लेनी पड़ी।
असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। राज्य के पांच जिलों के 763 गांव अब भी बाढ़ की चपेट में हैं और 5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। बारिश और बाढ़ से अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है।
शिवसागर और जोरहाट समेत कई इलाकों में लोग घरों की छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं। राहत और बचाव कार्यों में सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन विभाग और स्थानीय पुलिस की टीमें लगातार जुटी हुई हैं।
प्रधानमंत्री ने इससे पहले केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से बातचीत कर असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति की जानकारी भी ली।
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