जवाब में उत्तर प्रदेश की टीम ने 42 ओवर में दो विकेट के नुकसान पर 291 रन बना लिए थे। इसके बाद खराब रोशनी के चलते मैच आगे नहीं बढ़ सका और वीजेडी नियम के आधार पर उत्तर प्रदेश को 58 रन से विजेता घोषित किया गया।
उत्तर प्रदेश की ओर से अभिषेक गोस्वामी 24 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हो गए। प्रियम गर्ग ने 52 रन की अहम पारी खेली, जबकि ध्रुव जुरेल 17 रन बनाकर आउट हुए। कप्तान आर्यन जुयाल ने 140 गेंदों में 15 चौके और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 150 रन की शानदार पारी खेली। उनके साथ क्रीज पर मौजूद रिंकू सिंह ने 15 गेंदों में चार चौके और दो छक्कों की मदद से नाबाद 37 रन बनाए।विप्रज निगम और जीशान अंसारी की शानदार गेंदबाजी के दम पर उत्तर प्रदेश ने राजकोट में खेले जा रहे विजय हजारे ट्रॉफी एलीट ग्रुप-बी के चौथे मुकाबले में असम को 48.4 ओवर में 308 रन पर ऑलआउट कर दिया। इस तरह मैच जीतने के लिए उत्तर प्रदेश को 309 रनों का लक्ष्य मिला है।
असम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, लेकिन उसका यह निर्णय शुरुआत में ही गलत साबित हुआ। टीम के दोनों सलामी बल्लेबाज 39 रन के कुल स्कोर पर पवेलियन लौट गए। प्रद्युन सैकिया 13 और सौरव 15 रन बनाकर आउट हुए।
इसके बाद सुमीत घाडीगांवकर और शिबशंकर रॉय ने तीसरे विकेट के लिए 171 रनों की अहम साझेदारी कर असम की पारी को संभाला। सुमीत घाडीगांवकर ने 86 गेंदों पर 12 चौके और तीन छक्कों की मदद से 101 रन की शानदार शतकीय पारी खेली। वहीं शिबशंकर रॉय ने 83 गेंदों पर 11 चौकों की मदद से 82 रन बनाए।
हालांकि इन दोनों बल्लेबाजों के अलावा असम के अन्य बल्लेबाज खास प्रदर्शन नहीं कर सके। उत्तर प्रदेश के गेंदबाजों ने मध्य ओवरों में शानदार नियंत्रण दिखाते हुए असम को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोक दिया।
गेंदबाजी में विप्रज निगम ने 9.4 ओवर में 66 रन देकर चार विकेट, जबकि जीशान अंसारी ने 10 ओवर में 60 रन देकर तीन विकेट चटकाए। इसके अलावा कुणाल, करण और प्रशांत वीर को एक-एक सफलता मिली।
क्या है VJD मैथड?
VJD यानी वीजेडी प्रणाली बारिश या अन्य कारणों से बाधित सीमित ओवरों के क्रिकेट मैचों में संशोधित लक्ष्य तय करने की एक पद्धति है। इस सिस्टम को केरल के सिविल इंजीनियर वी. जयदेवन ने विकसित किया है। इसे पारंपरिक डीएलएस (डकवर्थ–लुईस–स्टर्न) पद्धति के विकल्प के तौर पर देखा जाता है।
वीजेडी मैथड का इस्तेमाल सबसे पहले इंडियन क्रिकेट लीग (ICL) में किया गया था। इसके बाद तमिलनाडु प्रीमियर लीग (TNPL) में भी लक्ष्य तय करने के लिए आज तक इसी पद्धति को अपनाया जाता है। वहीं, आईपीएल के चौथे और पांचवें सीजन के दौरान भी इस सिस्टम को लागू करने पर चर्चा हुई थी, हालांकि बाद में डीएलएस प्रणाली को ही प्राथमिकता दी गई।
वीजेडी पद्धति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मैच में ओवरों की कटौती के बावजूद दोनों टीमों के लिए लक्ष्य अधिक न्यायसंगत और व्यावहारिक तरीके से तय किया जा सके।
उत्तर कोरिया से एक दिलचस्प और बड़ी खबर सामने आई है। देश के सर्वोच्च नेता…
कानपुर की वीआईपी रोड पर 8 फरवरी को हुए हाई-प्रोफाइल सड़क हादसे ने एक बार…
लखनऊ। श्री जय नारायण मिश्रा पीजी कॉलेज में चल रही 53वीं श्रीमती सुंदरी देवी अंतर-महाविद्यालय…
बॉलीवुड के दिग्गज सिंगर उदित नारायण एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। उनकी…
बीते कुछ दिनों से राहुल गांधी और विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर हमलावर रहे हैं।…
नई दिल्ली: संसद का बजट सत्र इन दिनों काफी गरमाया हुआ है। इसी बीच बीजेपी…