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Vaibhav Suryavanshi World Record: फादर्स डे पर वैभव सूर्यवंशी का तूफान, 11 गेंद में ठोका सबसे तेज अर्धशतक…

दबाव चाहे कितना भी बड़ा हो, अगर हौसला मजबूत हो तो आलोचना करने वालों को बल्ले से जवाब दिया जा सकता है। भारतीय क्रिकेट के 15 वर्षीय सनसनी वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने कुछ ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है। 21 जून यानी ‘फादर्स डे’ के खास मौके पर श्रीलंका ए के खिलाफ फाइनल मुकाबले में वैभव ने एक ऐसी ऐतिहासिक पारी खेली, उनके पिता के संघर्षों को दुनिया का सबसे खूबसूरत तोहफा भी दे दिया।

आलोचनाओं के दबाव को पीछे छोड़ते हुए वैभव ने मैदान पर वो गदर मचाया, जिसे क्रिकेट जगत सालों तक याद रखेगा।

11 गेंदों में पचासा, 29 गेंद पर 94 रन: लिस्ट ए क्रिकेट में रचा नया इतिहास

श्रीलंका ए के खिलाफ खिताबी मुकाबले में जब वैभव सूर्यवंशी क्रीज पर उतरे, तो मानो वो इतिहास लिखने के इरादे से ही आए थे। उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों की ऐसी धुनाई की कि विपक्षी टीम के फैंस भी दांतों तले उंगलियां दबाने को मजबूर हो गए।

  • वर्ल्ड रिकॉर्ड फिफ्टी: वैभव ने महज 11 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर ‘लिस्ट ए’ (List A) क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज पचासा जड़ने का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
  • बाउंड्री से कूट डाले 88 रन: अपनी 29 गेंदों की पारी में वैभव ने 94 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 454 का रहा। उन्होंने अपनी पारी में 10 चौके और 8 गगनचुंबी छक्के लगाए, यानी 94 में से 88 रन सिर्फ चौके-छक्कों से आए।
  • शतक से चूके, पर जीत लिया दिल: वैभव महज एक हिट से सबसे तेज ‘लिस्ट ए’ शतक बनाने का रिकॉर्ड बनाने से चूक गए, लेकिन आउट होने के बाद भी उनके चेहरे पर गर्व था।

आलोचनाओं का दिया करारा जवाब: संजय मांजरेकर से लेकर सोशल मीडिया तक सब शांत

इस फाइनल मैच से पहले वैभव सूर्यवंशी पर काफी मानसिक दबाव था। पिछले कुछ मैचों में उनके मैदान पर आक्रामक व्यवहार और विपक्षी खिलाड़ियों से धक्का-मुक्की को लेकर कई पूर्व दिग्गजों ने उनकी आलोचना की थी।

पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने तो यहां तक कह दिया था कि वैभव को सबक सिखाने के लिए एक मैच से बाहर कर देना चाहिए। सोशल मीडिया पर भी उन्हें ट्रोल किया जा रहा था। लेकिन फादर्स डे के दिन, इस 15 साल के लड़के ने विवादों को पीछे छोड़ते हुए अपने बल्ले से ऐसा तमाचा जड़ा कि आलोचकों की बोलती बंद हो गई।

‘संघर्ष मेरा, मेहनत उसकी’ – पिता संजीव सूर्यवंशी की आंखें हुई नम

एक पिता अपनी संतान के लिए दुनिया भर के दुखों को हंसकर सह लेता है। वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी ने भी अपने बेटे को इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए दिन-रात एक किया। बेटे की इस ऐतिहासिक पारी को टीवी पर देखकर यकीनन उनकी आंखें नम हो गई होंगी।

एक पुराने इंटरव्यू में पिता संजीव ने कहा था:

“मैंने संघर्ष किया, लेकिन कड़ी मेहनत वैभव की थी। हम तो पापा हैं, दुनिया के सब पापा अपने बेटे के लिए सोचते हैं कि वो खूब पढ़-लिखकर कलेक्टर बने या खेल में इंडिया के लिए खेले… हमारा भी वही सपना था।”

बड़े मैचों के बड़े खिलाड़ी हैं वैभव

  • U-19 फाइनल: 80 गेंदों पर 175 रन की महाशतकीय पारी।
  • ट्राई-सीरीज फाइनल: 29 गेंदों पर 94 रन का ऐतिहासिक तूफान।

अब आयरलैंड के खिलाफ सीनियर टीम की जर्सी में दिखेगा जलवा

इस धमाकेदार प्रदर्शन के बाद अब वैभव सूर्यवंशी अपने करियर के सबसे बड़े और सुनहरे पड़ाव की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। भारत को जल्द ही आयरलैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज खेलनी है, जिसके लिए वैभव का चयन हुआ है।

यह पहला मौका होगा जब यह 15 साल का युवा बल्लेबाज सीनियर भारतीय टीम की नीली जर्सी पहनकर मैदान पर उतरेगा। जब वैभव इंडिया की जर्सी में मैदान संभालेंगे, तो यकीनन उनके पिता का सालों पुराना सपना पूरी तरह हकीकत में बदल जाएगा।

news desk

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