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US-Iran War: होर्मुज स्ट्रेट के मुहाने पर महायुद्ध, अमेरिका ने ईरान के ‘फारूर आइलैंड’ पर की भीषण बमबारी, मलबे में तब्दील हुए सैन्य ठिकाने

Highlights

  • अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग अब फारस की खाड़ी के रणनीतिक द्वीपों तक पहुंची।
  • अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के बेहद संवेदनशील ‘फारूर आइलैंड’ (Farur Island) को बनाया निशाना।
  • होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित इस द्वीप पर तैनात ईरान की एंटी-शिप मिसाइलें और सर्विलांस सिस्टम तबाह।
  • बंदर अब्बास और केशम आइलैंड समेत दक्षिणी ईरान के पूरे तटीय इलाके में गूंजे धमाके।

वाशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य टकराव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच छिड़ी यह जंग अब फारस की खाड़ी के छोटे लेकिन रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील द्वीपों तक फैल चुकी है।

ताजा सैन्य कार्रवाई में अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित फारूर आइलैंड (Farur Island) पर भीषण बमबारी की है। इस हमले के बाद पूरे मध्य पूर्व (Middle East) में युद्ध के बादल और गहरे हो गए हैं।

क्यों खास है फारूर आइलैंड और क्यों हुआ हमला?

भौगोलिक रूप से, फारूर आइलैंड ईरान के होर्मुजगन प्रांत में बंदर लेंगेह बंदरगाह के करीब फारस की खाड़ी में स्थित है। यह द्वीप दुनिया की सबसे व्यस्त समुद्री लाइफलाइन होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के ठीक मुहाने पर है।

रणनीतिक महत्व: इस पतले समुद्री रास्ते से दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। ईरान ने इस द्वीप पर अपने एडवांस्ड कोस्टल सर्विलांस सिस्टम, सैन्य ठिकाने और एंटी-शिप मिसाइलें तैनात कर रखी थीं, जो सीधे ग्लोबल शिपिंग रूट्स के लिए खतरा बनी हुई थीं। पेंटागन के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा के लिए इस ठिकाने को नेस्तनाबूद करना जरूरी था।

मलबे में तब्दील हुए ईरानी मिलिट्री बेस, कम्युनिकेशन ठप

ईरानी मीडिया एजेंसियों के मुताबिक, फारूर आइलैंड पर हुए इस अमेरिकी हवाई हमले में भारी तबाही हुई है। द्वीप का पूरा टेलीकम्युनिकेशन नेटवर्क बुरी तरह ठप हो चुका है।

इस हमले में एक ईरानी सैन्य अधिकारी की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (Pentagon) ने हताहतों की संख्या पर कोई सीधा बयान नहीं दिया है, लेकिन साफ किया है कि उनके निशाने पर सिर्फ ईरानी मिलिट्री टारगेट्स ही थे।

जल उठा दक्षिणी ईरान का पूरा तटीय इलाका

फारूर आइलैंड पर हुआ यह हमला अमेरिका के उस मेगा-मिलिट्री ऑपरेशन का हिस्सा है, जिसके तहत दक्षिणी ईरान के पूरे तटीय बेल्ट को निशाना बनाया जा रहा है। पिछले कुछ घंटों में ईरान के कई मुख्य इलाकों में एक साथ बड़े धमाके दर्ज किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • बंदर अब्बास (Bandar Abbas): ईरान का मुख्य नौसैनिक मुख्यालय।
  • केशम आइलैंड (Qeshm Island): फारस की खाड़ी का सबसे बड़ा द्वीप।
  • सिरिक और बंदर लेंगेह: तटीय शहर जहां ईरान के सैन्य डिपो हैं।

वैश्विक तेल संकट का बढ़ा खतरा

ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका पर अंधाधुंध हमलों और नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, होर्मुज स्ट्रेट के इस क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंचने के कारण वैश्विक एनर्जी कॉरिडोर पर नाकेबंदी का खतरा मंडराने लगा है। अगर यह टकराव लंबा खिंचा, तो दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।

news desk

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